'कोर्ट की निगरानी में पीएनबी घोटाले की जांच होगी या नहीं'

एजेंसियां | नई दिल्ली Apr 09, 2018 10:01 PM IST

सर्वोच्च न्यायालय इस बात पर फैसला लेगा कि पंजाब नैशनल बैंक में हुई 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की अदालत की निगरानी में जांच के अनुरोध वाली याचिका स्वीकार योग्य है या नहीं। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति के एम खानविलकर व डी वाई चंद्रचूड़ के पीठ को केंद्र सरकार ने कहा है कि सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय पीएनबी घोटाले की स्वतंत्र रूप से जांच कर रहे हैं। अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कथित घोटाले पर अदालत की निगरानी मेंं जांच के अनुरोध वाली जनहित याचिका को खारिज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई एजेंसियां पहले ही इस मामले की जांच कर रही है।
 
अटॉर्नी जनरल वकील विनीत धांडा की तरफ से दाखिल याचिका का विरोध कर रहे थे, जिन्होंने पीएनबी मामले की स्वतंत्र जांच करने की मांग की और सरकार को यह निर्देश देने का अनुरोध किया है कि हीरा कारोबारी नीरव मोदी का प्रत्यर्पण हो। सीबीआई पहले ही दो एफआईआर (एक 31 जनवरी को और दूसरा फरवरी में) नीरव मोदी, उनके संबंधी मेहुल चोकसी व अन्य के खिलाफ बैंंक धोखाधड़ी मामले में दर्ज कर चुकी है। पीआईएल में पीएनबी, आरबीआई, वित्त मंत्रालय व कानून व न्याय मंत्रालय को पक्षकार बनाया है। इसने दो महीने में नीरव मोदी व अन्य के खिलाफ प्रत्यर्पण कार्यवाही के लिए में निर्देश देने की मांग की है, जो बैंक धोखाधड़ी में कथित तौर पर शामिल थे।
 
इसने मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम के लिए भी कहा है और पीएनबी के आला प्रबंधन की भूमिका की जांच की मांग भी की है। याचिका में वित्त मंत्रालय को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वह बड़ी रकम वाले कर्ज की मंजूरी व इसके वितरण के लिए दिशानिर्देश तैयार करे और ऐसे कर्ज की सुरक्षा व वसूली सुनिश्चित करे। साथ ही देश के खराब बैंकिंग सौदे (कर्ज) से निपटने के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाने का भी अनुरोध किया है।
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