आईसीआईसीआई-वीडियोकॉन मामले में आवंटित ऋण की पड़ताल करेगा आरबीआई

देव चटर्जी | मुंबई Apr 10, 2018 10:46 PM IST

... आरबीआई का एजेंडा

आईसीआईसीआई द्वारा वीडियोकॉन को दिए गए ऋण के बारे में जुटाई जा रही है जानकारी
आरबीआई देखेगा कि आवंटित ऋण में समुचित प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं
इसकी पुष्टि करेगा कि वीडियोकॉन समय से बकाया का भुगतान कर रही है या नहीं
अगर जरूरत होगी तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की योजना आईसीआईसीआई बैंक से वीडियोकॉन समूह को दिए गए 32 अरब रुपये कर्ज का ब्योरा मांगने की है। मामले के जानकार एक सूत्र ने कहा, 'आरबीआई का पहला कदम इसके बारे में जानकारी जुटाना और तथ्यों को सुनिश्चित करना है। इसके बाद हम जल्द ही आरबीआई द्वारा कुछ कदम उठाए जाने की उम्मीद कर सकते हैं।' वित्त मंत्रालय ने सोमवार को कहा था कि आईसीआईसीआई बैंक के मामले में कार्रवाई करने का फै सला आरबीआई के ऊपर है। सूत्रों ने कहा कि आरबीआई के पास पहले से ही वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के बारे में काफी सूचना हैं क्योंकि नियामक ने ही पिछले साल दिसंबर में कंपनी को नैशनल कंपनी लॉ पंचाट (एनसीएलटी) में भेजने की सिफारिश की थी।

आरबीआई केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी चंदा कोछड़ के पति दीपक कोछड़ और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत के खिलाफ प्रारंभिक जांच दर्ज किए जाने के बाद यह कदम उठा रहा है। सीबीआई ने धूत द्वारा दीपक कोछड़ की कंपनी न्यूपावर रीन्यूएबल्स को 64 करोड़ रुपये का कर्ज दिए जाने के मामले में प्रारंभिक जांच शुरू की है। आईसीआईसीआई बैंक के बोर्ड, वीडियोकॉन और न्यूपावर ने किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। आईसीआईसीआई बैंक के एक प्रवक्ता ने कहा, 'आपकी जानकारी पूरी तरह बेबुनियाद और गलत है।'
 
आईसीआईसीआई बैंक से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि वीडियोकॉन ने दिसंबर 2017 तक बैंक का बकाया चुका दिया था और मार्च तिमाही तक का बकाया चुका सकती है। अधिकारी ने कहा कि आईसीआईसीआई बैंक द्वारा वीडियोकॉन समूह की कंपनियों को दिया गया कर्ज पुराना है। लेकिन इस साल जनवरी में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) आरबीआई के परामर्श के बाद वीडियोकॉन और इस समूह की कंपनियों को ऋणशोधन के लिए एनसीएलटी में ले गया। कंपनी ने इस कदम का विरोध किया और एसबीआई तथा आरबीआई के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय पहुंच गई। यह मामला अभी अदालत में लंबित है।
वीडियोकॉन के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने कहा कि कंपनी बैंकों के साथ किए गए वायदों को पूरा करेगी और बैंकों को उसके कर्ज में किसी तरह का नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक वीडियोकॉन को ऋण आवंटन के लिए जिस प्रक्रिया का बैंक की ओर से पालन किया गया आरबीआई उसका विवरण चाहता है। आरबीआई इस तथ्य से भी चकित है कि आईसीआईसीआई बैंक के बोर्ड ने अपने मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक को बिना किसी औपचारिक बाह्यï जांच के क्लीन चिट दे दी। 28 मार्च को आईसीआईसीआई बैंक ने बयान जारी कर कहा कि उसके बोर्ड ने पाया कि उसके मुख्य कर्याधिकारी के खिलाफ अफवाह बेबुनियाद है और ऋण आवंटन में गड़बड़ी या हितों का टकराव का सवाल नहीं उठता है।
 
सेबी के पूर्व चेयरमैन एम दामोदरन ने एक टीवी चैनल से बातचीत में मंगलवार को कहा था कि न्यूपावर-वीडियोकॉन का लेनदेन हितों के टकराव का मामला हो सकता है और बैंक के बोर्ड को अपने मुख्य कर्याधिकारी को क्लीन चिट देने से पहले स्वतंत्र जांच करानी चाहिए थी। सोमवार को रेटिंग फर्म फिच ने कहा कि क्रेडिट समिति में बैंक के मुख्य कार्याधिकारी के शामिल होने और स्वतंत्र जांच कराने के प्रति बैंक की बेरुखी से कॉरपोरेट प्रशासन की सुदृढ़ता पर संदेह पैदा होता है। इस बीच आईसीआईसीआई बैंक का शेयर आज 3 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 289 रुपये पर बंद हुआ। जनवरी के बाद से बैंक के शेयर में 8 फीसदी की गिरावट आ चुकी है और उसके बाजार पूंजीकरण में 159 अरब रुपये की चपत लगी है। उधर, सीबीआई ने दीपक कोछड़ के भाई राजीव कोछड़ से भी पांच दिन तक पूछताछ की है।
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