अधिकारियों के बैंक खाते खंगाले जाएंगे

एजेंसियां | नई दिल्ली Apr 19, 2018 09:45 PM IST

बाजार नियामक सेबी ने व्हाट्ïसऐप के जरिये वित्तीय परिणामों समेत कई कीमत-संवेदी जानकारियों के लीक होने के मामले की जांच के लिए दर्जनभर ब्लू-चिप कंपनियों के वरिष्ठï अधिकारियों समेत कई लोगों के बैंक विवरण और कॉल रिकॉर्ड के डेटा मांगे जाने की योजना बनाई है। वरिष्ठï अधिकारियों के अनुसार, बाजार नियामक उन कंपनियों पर सख्त रुख अपनाएगा जो कीमत-संवेदी जानकारियों के कथित लीक के संबंध में व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदारी सुनिश्चित करने में विफल रही हैं। बाजार नियामक भेदिया कारोबार के जरिये कमाए गए संदिग्ध लाभ की जांच कर रहा है। हालांकि सभी संबंधित कंपनियों से इस लीक के दोषियों की पहचान के लिए आंतरिक जांच करने को पहले ही कहा जा चुका है, लेकिन इनमें से ज्यादातर कंपनियों ने व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदारी लेने से परहेज किया है। ज्यादातर कंपनियों ने नियामक को भेजी जानकारी में बताया है कि उनकी प्रणालियां मजबूत हैं।
 
एक वरिष्ठï अधिकारी ने कहा, 'नियामक का मानना है कि कंपनियों को अपनी प्रणालियों की मजबूती या ईमानदारी के बारे मेें बयान देने के बजाय इस मामले में व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदारी लेनी चाहिए।' विभिन्न उपायों के तहत बाजार नियामक संबद्घ कंपनियों को सख्त चेतावनियां जारी कर सकता है और गैर-प्रकाशित कीमत-संवेदी जानकारी के लीक के दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्ती बरत सकता है।  अधिकारियों का कहना है कि चूंकि जांच के दायरे में कंपनियों में कुछ बैंक भी शामिल है, इसलिए सेबी इस मामले को बैंकिंग क्षेत्र के नियामक आरबीआई को स्थानांतरित कर सकता है।  सेबी द्वारा की जा रही जांच के दायरे में ऑडिटर, ब्रोकर, विश्लेषक और निवेश सलाहकारों के अलावा वे कंपनी अधिकारी भी शामिल हैं जिनके साथ यह वित्तीय जानकारी सार्वजनिक तौर पर प्रकाशित होने से पहले साझा की गई थी। 
 
फेसबुक लाइक की पड़ताल 
 
बाजार नियामक सेबी ने भेदिया कारोबार से जुड़े मामलों में आरोपियों तक पहुंचने के प्रयासों के तहत संदिग्ध लोगों की फेसबुक प्रोफाइल की पड़ताल की। नियामक ने इन लोगों की फेसबुक पोस्ट को लाइक करने वालों तथा दोस्तों की सूची की जांच पड़ताल की।  सेबी ने भेदिया कारोबार से जुड़े नियमों के उल्लंघन के एक मामले में संदिग्ध लोगों की फेसबुक प्रोफाइल टटोली ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उनका आपस में कोई संबंध है। दीप इंडस्ट्रीज से जुड़े एक मामले में फेसबुक प्रोफाइलों की जांच में सेबी ने पाया कि भेदिया कारोबार में शामिल इकाइयां इस सोशल मीडिया वेबसाइट पर दोस्त हैं। इन्होंने फेसबुक पर एक दूसरे की फोटो, पोस्ट को लाइक किया है। 
 
सेबी ने 16 अप्रैल के अपने आदेश में कहा है कि इन व्यक्तियों के प्रोफाइल तक पहुंच सीमित है और उनके द्वारा पोस्ट फोटो को केवल उन चुनिंदा लोगों ने लाइक किया है जिन्हें उन्होंने फेसबुक पर दोस्त बनाया है।  फेसबुक पोस्ट की जांच व अन्य माध्यमों के जरिए साक्ष्य जुटाने के बाद सेबी ने इस मामले में तीन इकाइयों द्वारा 2.4 करोड़ रुपये से अधिक के अवांछित लाभ को कुर्क करने का आदेश दिया है। इन तीन इकाइयों में रूपेशभाई कांतिलाल सावला, सुजय अजीत कुमार हमलई तथा टेकवेब इंडिया है। 
कीवर्ड bank, sebi, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी),

  
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