पीएनबी घोटाले में आरोप पत्र जल्द

श्रीमी चौधरी | मुंबई Apr 26, 2018 09:49 PM IST

करीब 135 अरब रुपये के पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अपना पहला आरोप पत्र मई के दूसरे सप्ताह में दायर कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी ने पाया कि भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाओं के जरिये नीरव मोदी को एलओयू जारी करते समय बैंक के अधिकारियों ने काफी लापरवाही और अनियमितताएं बरतीं। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई अपने आरोप पत्र में विदेशी शखाओं के लिए बैंक की ऋण सुविधा में खामियों को उजागर करेगी। इस घोटाले को अंजाम देने के लिए कथित तौर पर कुछ बैंक अधिकारियों ने स्विफ्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर का दुरुपयोग किया जिन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई के आरोप पत्र में यह भी उल्लेख किया जाएगा कि नीरव मोदी की कंपनी को बड़ी रकम के लिए एलओयू जारी करते समय बैंक के अधिकारियों ने दस्तावेजों के सत्यापन में अनियमितता बरती।
 
सीबीआई के आरोप पत्र में अरबपति कारोबारी नीरव मोदी, उनके मामा मेहुल चोकसी, फायरस्टार डायमंड के मुख्य वित्तीय अधिकारी विपुल अंबानी, पीएनबी के अधिकारी गोकुलनाथ शेट्टïी (सेवानिवृत्त), मनोज खरात एवं अन्य के नामों का उल्लेख किया जा सकता है।  सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में संबंधित मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को कोर बैंकिंग प्रणाली को दुरुस्त करने और उसे वैश्विक ऋण सुविधा से जोडऩे की सिफारिश भी कर सकती है। इसके अलावा जांच एजेंसी संदिग्ध एवं बड़ी रकम के लेनदेन पर स्वचालित अलर्ट की व्यवस्था को दुरुस्त करने की भी सलाह दे सकती है। साथ ही वह बैंक कर्मचारियों के खिलाफ सुधारात्मक कदम उठाने के लिए भी बैंकिंग नियामक को सुझाव दे सकती है ताकि प्रणाली में खामियों का दुरुपयोग न किया जा सके। इसके अलावा सीबीआई पीएनबी से भी सवाल-जवाब कर सकती है।
 
आरोप पत्र में धोखाधड़ी वाले उन 292 एलओयू और 224 विदेशी ऋण पत्रों का भी उल्लेख किया जाएगा जिनके जरिये नीरव मोदी की कंपनी को 2011 से ही रकम हस्तांतरित किए गए। इस मामले से अवगत एक व्यक्ति ने कहा कि नीरव मोदी और चोकसी के काम करने का तरीके और बैंक अधिकारियों के साथ उनकी सांठगांठ अभियोजन रिपोर्ट का अहम हिस्सा होगी। उनके अनुसार यह करीब 1,000 पेज का आरोप पत्र होगा जो फिलहाल पूरा होने के कगार पर है। इसमें निश्चित तौर पर अभियुक्तों के खिलाफ सबूत, उनके बयान, गवाहों के बयान एवं अन्य साक्ष्य दस्तावेज शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इसमें षड्यंत्र, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाने, आधिकारिक पद का दुरुपयोग करने और उकसावे जैसे आरोप लगाए जा सकते हैं।
कीवर्ड nirav modi, bank, loan, debt, PNB, fraud,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक