सॉफ्टबैंक की नजर अब रिटर्न और सुदृढीकरण पर

करण चौधरी | नई दिल्ली Apr 30, 2018 10:02 PM IST

भारतीय बाजार में 7.2 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने वाले सॉफ्टबैंक ग्रुप की नजर अब रिटर्न और सुदृढीकरण पर है। मासायोशी सोन के नेतृत्व वाली जापान की यह दिग्गज निवेश कंपनी डॉलर में अधिकतम मूल्यांकन, सुदृढीकरण और रिटर्न की संभावनाएं तलाश रही है। सॉफ्टबैंक भारत में दो प्रमुख सौदों के बीच खड़ी है जिनसे देश के ई-कॉमर्स और राइड-हेल्ंिाग क्षेत्रों में उल्लेखनीय बदलाव दिख सकती है। हालांकि अमेरिका की प्रमुख खुदरा कंपनी वॉलमार्ट प्रमुख भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में 10 से 12 अरब डॉलर निवेश करने की तैयारी कर रही है, लेकिन सॉफ्टबैंक ने अधिकतम रिटर्न हासिल करने के लिए अपने सह-निवेशकों और फ्लिपकार्ट के प्रबंधन से कहा है कि वे एमेजॉन के साथ सौदे की भी संभावनाएं तलाशें। सौदे के करीबी सूत्रों ने बताया कि सॉफ्टबैंक अभी भी टाइगर ग्लोबल, सचिन बंसल और बिन्नी बंसल को अमेरिकी दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी से बातचीत शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
 
सूत्रों ने बताया कि जापनी कंपनी भारत में अपने निवेश पर रिटर्न हासिल करने और कुछ हद तक सुदृढीकरण के साथ अब अपने निवेश के अगले चरण में प्रवेश करेगी। फ्लिपकार्ट के करीबी सूत्रों के अनुसार, वॉलमार्ट करीब तीन सप्ताह पहले ही विलय शर्तों पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार थी लेकिन सॉफ्टबैंक चाहती है कि एमेजॉन भी बोली लगाए जो वॉलमार्ट के मुकाबले बेहतर हो सकती है। सॉफ्टबैंक के निवेश वाली एक कंपनी के संस्थापक ने कहा, 'सॉफ्टबैंक का मानना है कि एमेजॉन नियंत्रणयोग्य हिस्सेदारी हासिल करने के लिए करीब 14 अरब रुपये खर्च कर सकती है जिससे फ्लिपकार्ट का मूल्यांकन बढ़कर करीब 22 से 25 अरब डॉलर हो जाएगा। ऐसे में सॉफ्टबैंक अपने निवेशकों को यह दिखा पाएगी कि उसने एशिया की एक सबसे अधिक मूल्यवान कंपनी में निवेश किया था।' सॉफ्टबैंक ने फ्लिपकार्ट सौदे पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
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