केनरा बैंक को 4,860 करोड़ रु. का घाटा

भाषा |  May 11, 2018 09:39 PM IST

सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक को फंसे कर्ज के लिए अधिक प्रावधान के चलते वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में 4,859.77 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वित्त वर्ष 2016-17 की समान तिमाही में उसे 214.18 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था। बैंक ने बताया कि आलोच्य तिमाही में उसने गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों के मद में प्रावधान करीब 200 फीसदी बढ़ाकर 2,924.08 करोड़ रुपये की तुलना में 8,762.57 करोड़ रुपये कर दिया है। पूरे वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान बैंक को 4,222.24 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ जबकि 2016-17 के दौरान उसे 1,121.92 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। 

 
आलोच्य तिमाही के दौरान बैंक की कुल आय 12,899.20 करोड़ रुपये से कम होकर 11,555.11 करोड़ रुपये रह गई। पूरे वित्त वर्ष के दौरान कुल आय 48,942.04 करोड़ रुपये से कम होकर 48,194.94 करोड़ रुपये रह गई। आलोच्य तिमाही के दौरान बैंक का समग्र एनपीए 9.63 फीसदी से बढ़कर 11.84 फीसदी और शुद्ध एनपीए 6.33 फीसदी से बढ़कर 7.48 फीसदी पर पहुंच गया। 
 
देना बैंक के शुद्ध  घाटे में इजाफा 
 
सार्वजनिक क्षेत्र के देना बैंक का शुद्ध घाटा मार्च तिमाही में बढ़कर 1,225.42 करोड़ रुपये हो गया। बैंक का कहना है कि बढ़ते फंसे कर्ज व उसके लिए उच्च प्रावधान के चलते आलोच्य तिमाही में उसका घाटा बढ़ा। बैंक ने कहा है कि जनवरी-मार्च 2016-17 की तिमाही में उसका शुद्ध घाटा 575.26 करोड़ रुपये रहा था। इसी तरह बढ़ती गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) के बीच बैंक ने सालाना आधार पर भी लगातार तीसरे साल शुद्ध घाटे की सूचना दी है। वित्त वर्ष 2017-18 के लिए बैंक का शुद्ध घाटा 1,923.15 करोड़ रुपये रहा। बैंक को 2016-17 में 863.63 करोड़ रुपये, 2015-16 में 935.32 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। इससे पहले 2014-15 में बैंक को 265.48 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। चौथी तिमाही में कुल आय घटकर 2,390.68 करोड़ रुपये रही जबकि उसकी ब्याज आय घटकर 2,067.38 करोड़ रुपये रह गई।
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