देना बैंक की आरबीआई से गुहार

अभिजित लेले | मुंबई May 13, 2018 09:38 PM IST

सार्वजनिक क्षेत्र के संकटग्रस्त देना बैंक उधारी पर रोक लगाए जाने के कारण कारोबार के भारी नुकसान की आशंका में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से इस मामले पर पुनर्विचार करने का आग्रह करेगा। बैंक का कहना है कि ऋण देने की अनुमति मिलने से उसे अपने मौजूदा ग्राहकों को सेवाएं उपलब्ध कराने, परिचालन लागत के लिए राजस्व जुटाने  और डूबते ऋण के लिए प्रावधान की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी। मुंबई के इस बैंक के एक वरिष्ठï अधिकारी ने कहा कि इस आदेश से बैंक की उधारी और राजस्व को गंभीर चोट लगेगी। ताजा निर्देशों के तहत देना बैंक को मुद्रा जैसी सरकार समर्थित योजनाओं के तहत ऋण वितरित करने से रोक दिया गया है। साथ ही वह खरीफ सीजन में किसानों को फसल ऋण भी मुहैया नहीं करा पाएगा।
 
बैंक के कर्मचारियों और अधिकारियों को लगता है कि उन्हें इस आदेश में संशोधन के लिए याचिका के साथ आरबीआई से संपर्क करने का अधिकार है। प्रबंधन इसके लिए बैंकिंग नियामक को मनाने की कोशिश करेगा।  वरिष्ठï अधिकारियों ने कहा, 'यदि हम ऋण नहीं दे पाएंगे तो हमारी कमाई कहां से होगी। इससे हमारी परिसंपत्ति और देनदारी घटेगी जिससे आय में कमी आएगी। ऐसे में हमें अपने परिचालन खर्च को पूरा करने में भी कठिनाई होगी।' पिछले सप्ताह रिजर्व बैंक ने देना बैंक द्वारा कर्मचारियों की नियुक्ति और ताजा ऋण वितरित करने पर रोक लगा दिया था। पिछले तीन साल के दौरान लगातार घाटा और परिसंपत्तियों पर नकारात्मक रिटर्न दर्ज करने के कारण बैंक की स्थिति कहीं अधिक खराब हो गई है। मार्च 2018 में देना बैंक का शुद्ध एनपीए बढ़कर 11.95 फीसदी हो गया जो एक साल पहले की समान अवधि में 10.66 फीसदी रहा था।
 
अधिक शुद्ध गैर-निष्पादित आस्तियों और परिसंपत्तियों पर नकारात्मक रिटर्न के कारण देना बैंक मई 2017 से ही आरबीआई की तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) के अधीन है। वित्त वर्ष 2017-18 में बैंक ने 19.23 अरब रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया था। जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में उसे 8.63 अरब रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।  अब देना बैंक पर अपनी शाखाओं में विस्तार पर कहीं अधिक रोक लगा दिया गया है। साथ ही उसे कवरेज व्यवस्था के तहत डूबते ऋण के लिए कहीं अधिक प्रावधान की व्यवस्था करनी पड़ेगी। दिसंबर 2017 में अश्विनी कुमार के जाने के बाद से ही मुंबई का यह बैंक बिना किसी प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी के अपने कारोबार का संचालन कर रहा है। फिलहाल वरिष्ठï कार्यकारी निदेशक रमेश सिंह बैंक के दैनिक कामकाज के इंचार्ज हैं।
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