बैंकों के नए कर्ज पर नकेल!

अभिजित लेले | मुंबई May 13, 2018 09:41 PM IST

कर्ज देने पर नकेल


भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के निर्देश पर कर्ज बंद करने वाला देना बैंक संभवत: अकेला सरकारी बैंक नहीं होगा। कुछ और बैंकों को भी इस स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। देना बैंक की तरह ये बैंक भी तुंरत सुधार कदम (पीसीए) सूची में शामिल हैं क्योंकि उनकी उधारी और वित्तीय स्थिति बहुत खराब है।  देना बैंक के अलावा बैंक ऑफ महाराष्टर, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, इलाहाबाद बैंक और यूको बैंक ने वित्त वर्ष 2018 की चौथी तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। इन बैंकों सहित कुल 11 बैंक पीसीए में शामिल हैं।

चौथी तिमाही के नतीजे घोषित करने वाले 5 बैंकों में से किसी के प्रदर्शन में भी सुधार नहीं आया है क्योंकि उनकी शुद्घ गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है और वित्त वर्ष 2018 में आस्तियों पर उनका प्रतिफल नकारात्मक रहा। सरकार द्वारा पर्याप्त भारी मात्रा में इक्विटी पूंजी डालने के कारण इन बैंकों के पास बेसल-3 मानकों के मुताबिक पर्याप्त पूंजी है। बैंकों के नेटवर्थ का एक बड़ा हिस्सा बढ़ते एनपीए से निपटने के लिए रखा गया है।  

भारत की एक रेटिंग एजेंसी के प्रमुख ने कहा कि इस बात पर भरोसा करने का कोई कारण नहीं है कि देना बैंक के साथ जो कुछ हुआ, वह पीसीए सूची में शामिल अन्य बैंकों के साथ नहीं होगा। इन बैंकों की आस्तियों की गुणवत्ता और मुनाफा लगातार दबाव में है जिसके आगे और बदतर होने की आशंका है।पीसीए में शामिल दक्षिण भारत के एक बैंक के एक शीर्ष अधिकारी ने इससे सहमति जताते हुए कहा कि रणनीतिक कर्ज पुनर्गठन (एसडीआर) सहित पुनर्गठन की अन्य योजनाओं को फरवरी में आनन फानन में खत्म करने के आरबीआई के फैसले से बैंकों को तगड़ा झटका लगा है। इसके कारण उनके सकल एनपीए और शुद्घ एनपीए में चौथी तिमाही में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इसलिए आरबीआई आने वाली तिमाहियों में बैंकों के कर्ज देने पर कड़ी पाबंदी लगाएगा।

पीसीए में शामिल अन्य बैंकों में आईडीबीआई बैंक, यूनाइटेड बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक ने अभी चौथी तिमाही और वित्त वर्ष 2018 के नतीजे घोषित नहीं किए हैं। बैंक जब पूंजी पर्याप्तता की न्यूनतम जरूरत पूरी करने में नाकाम रहते हैं या उनका शुद्घ एनपीए 6 फीसदी से अधिक बढ़ जाता है या फिर दो साल से उनका आरओए नकारात्मक रहता है तो उन्हें पीसीए में डाल दिया जाता है। पीसीए में शामिल बैंकों के कर्ज देने पर पाबंदी होती है। सरकार 17 मई को पीसीए में शामिल कुछ बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा करेगी।

देना बैंक लगाएगा आरबीआई से गुहार
देना बैंक ने उधारी पर रोक लगाए जाने के कारण कारोबार के भारी नुकसान की आशंका में भारतीय रिजर्व बैंक से  इस मामले पर पुनर्विचार का आग्रह किया है। बैंक का कहना है कि ऋण देने की अनुमति मिलने से उसे अपने मौजूदा ग्राहकों को सेवाएं  उपलब्ध कराने, परिचालन लागत के लिए राजस्व जुटाने  और डूबते ऋण के लिए प्रावधान की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी।

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