पीएनबी को घोटाले जितना बड़ा घाटा

सोमेश झा | नई दिल्ली May 15, 2018 09:46 PM IST

घोटाले में फंसे पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) को अब तक का सबसे बड़ा तिमाही घाटा हुआ है। वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में 134 अरब रुपये का घाटा हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसे 2.6 अरब रुपये का मुनाफा हुआ था। मार्च तिमाही में ही बैंक में द्वारा नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को दिए गए 143 अरब रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ था। भारतीय रिजर्व बैंक के नए प्रावधान के नियमों की वजह से बैंक का घाटा बढ़ा है। बैंक को फंसी संपत्तियों के लिए 102 अरब रुपये का प्रावधान करना पड़ा है, वहीं धोखाधड़ी मामले के लिए 71.8 अरब रुपये का प्रावधान करना पड़ा।
 
पीएनबी का घाटा सार्वजनिक क्षेत्र के सात बैंकों के कुल घाटे से कहीं अधिक है। वित्त वर्ष 2017-18 में पीएनबी को 121.3 अरब रुपये का घाटा हुआ जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में उसे 11.9 अरब रुपये का मुनाफा हुआ था। बैंक का फंसा हुआ कर्ज भी पिछले साल के 224 अरब रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2017-18 में 442 अरब रुपये हो गया। बैंक की सकल गैर-निष्पादित आस्तियां जनवरी-मार्च में बढ़कर 18.4 फीसदी हो गई।
 
अनंत सुब्रमण्यन से छिने सभी अधिकार
 
सार्वजनिक क्षेत्र के इलाहाबाद बैंक के निदेशक मंडल ने अपनी प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी उषा अनंत सुब्रमण्यन से उनके सभी अधिकार और शक्तियां वापस ले ली। पीएनबी धोखाधड़ी मामले के आरोप पत्र में उषा का नाम सामने आने के बाद वित्त मंत्रालय के निर्देश पर इलाहाबाद बैंक निदेशक मंडल ने यह कदम उठाया।  उषा अनंत सुब्रमण्यन इलाहाबाद बैंक में जाने से पहले मई 2017 तक पंजाब नैशनल बैंक की चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक थीं। इलाहाबाद बैंक का शेयर मंगलवार को 8.60 फीसदी गिरकर 40.40 रुपये पर बंद हुआ।
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