कर्ज लेने वाले कम, क्रेडिट कार्ड से खर्च बढ़ा

नम्रता आचार्य | कोलकाता May 20, 2018 09:49 PM IST

ज्यादातर बैंकों के कर्ज की वृद्धि दर स्थिर रही है, वहीं ऑनलाइन बिक्री में क्रेडिट कार्ड से खर्च बढ़ा है। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ोंं के मुताबिक ज्यादातर क्षेत्रों के कर्ज में वृद्धि दर नकारात्मक रही है, वहीं मार्च के अंत तक पिछले साल की तुलना मेंं क्रेडिट कार्ड की वृद्धि 30 प्रतिशत से ज्यादा रही है।  वित्तीय उत्पादों के ऑनलाइन मार्केटप्लेस बैंक बाजार डॉट कॉम के मुख्य कारोबार विकास अधिकारी नवीन चंदानी के मुताबिक पिछले साल भर के दौरान क्रेडिट कार्ड आवेदन दोगुना से ज्यादा बढ़ा है। इस साइट पर पिछले साल क्रेडिट कार्ड की 5.7 करोड़ सर्च आई है, जो इसके पहले साल की समान अवधि की तुलना में करीब दोगुना है।

 
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक कार्ड के क्षेत्र में सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक के कार्डों की संख्या 31 मार्च 2018 तक 25 प्रतिशत बढ़कर करीब 1.1 करोड़ हो गई है।  एसबीआई कार्ड के एमडी और सीईओ हरदयाल प्रसाद के मुताबिक वित्त वर्ष 17 और वित्त वर्ष 18 के बीच एसबीआई कार्ड की संख्या 40 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि औसत मासिक खर्च 4000 से बढ़कर 7,000 रुपये हो गया है। प्रसाद ने कहा, 'कार्ड पर आसान ईएमआई सुविधा दिए जाने से इससे किया जाने वाला खर्च बढ़ा है। हमने पाया है कि हमारे कार्ड पर की गई ज्यादा खरीदारी को ईएमआई में बदल दिया गया। इसी तरह से ई कॉमर्स क्षेत्र ने कार्ड की वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है। ऑनलाइन शॉपिंग आसान होने से साथ कैश बैक योजनाओं, रिवॉर्ड और छूट की वजह से कार्ड का इस्तेमाल बढ़ा है।'
 
क्रेडिट कॉर्ड के क्षेत्र में नए उपभोक्ताओंं की संख्या छोटे व मझोले शहरों के निम्न आय वर्ग में बढ़ी है। ई कॉमर्स कंपनियां कुछ क्रेडिट कार्डों पर बहुत ज्यादा छूट देती हैं, ऐसे में बड़ी संख्या में निम्न मध्य वर्ग और मध्य वर्ग के वेतनभोगी युवा डेबिट कार्ड की जगह क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल को प्राथमिकता दे रहे हैं।  चंदानी ने कहा, 'न सिर्फ बड़े बल्कि मझोले और छोटे शहरों के कारोबारी अब क्रेडिट कार्ड से भुगतान ले रहे हैं, बल्कि क्रेडिट कार्ड स्कोर की वजह से भी इसे जारी करने की संख्या बढ़ी है। वे लोग भी क्रेडिट कार्ड ले रहे हैं, जिन्हें बैंक सेवाएं नहीं दे रहे हैं। इनमें स्वरोजगार करने वाले और ऐसे वेतनभोगी युवा शामिल हैं जिनका वेदन 15,000 से 20,000 रुपये महीने के बीच है।'
 
प्रसाद के मुताबिक, 'ई कॉमर्स ने प्रीमियम ब्रॉड शॉपिंग के द्वार छोटे व मझोले शहरों में भी खोल दिए हैं, जहां लोगों के पास पैसे व इच्छा है, लेकिन भौतिक स्टोर और मॉल नहीं हैं। क्रेडिट कार्ड से किए गए कुल खर्च में ऑनलाइन खरीद की हिस्सेदारी करीब 40 से 45 प्रतिशत है और यह बहुत तेज रफ्तार से बढ़ रहा है।'  इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि क्रेडिट कार्ड से किए जाने वाले खर्च में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के बावजूद इस उद्योग में दोषियों की संख्या करीब 2 प्रतिशत है। 31 मार्च 2018 को क्रेडिट कार्ड से कुल कर्ज 686 अरब रुपये था, जबकि 31 मार्च 2017 को यह 521 अरब रुपये था। इस तरह से सालाना आधार पर इसमेंं 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 
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