बैंक ऑफ बड़ौदा को 3,102 करोड़ रुपये का घाटा

बीएस संवाददाता/एजेंसियां | नई दिल्ली/मुंबई May 25, 2018 10:00 PM IST

बढ़ते फंसे कर्ज के लिए उच्च प्रावधान के चलते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा ने मार्च में समाप्त तिमाही में 3,102.34 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया है। बैंंक ने पिछले साल की समान अवधि में 154.72 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था। फंसे कर्ज के लिए प्रावधान मार्च तिमाही में पिछले साल की समान अवधि के 2,425.07 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 7,052.53 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बैंंक की कुल आय इस अवधि में घटकर 12,735.16 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 12,852.44 करोड़ रुपये रही थी।

 
बैंंक की संपत्ति की गुणवत्ता और खराब हुई क्योंकि इसका एनपीए मार्च तिमाही में बढ़कर सकल उधारी का 12.26 फीसदी रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 10.46 फीसदी रहा था। कुल मिलाकर इसका सकल एनपीए 56,480.39 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 42,718.70 करोड़ रुपये रहा था। इसका शुद्ध एनपीए मार्च तिमाही में 5.49 फीसदी रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 4.72 फीसदी रहा था। बैंंक ने कहा, निदेशक मंडल ने 2017-18 के लिए लाभांश की सिफारिश नहीं की है। इसके अलावा निदेशक मंडल ने मार्च 2019 तक 10,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त रकम जुटाने को मंजूरी दी है। बैंक का शेयर आज बीएसई पर 1.80 फीसदी की उछाल के साथ 141.20 रुपये पर बंद हुआ।
 
करुर वैश्य बैंक का मुनाफा घटा 
 
निजी क्षेत्र के करुर वैश्य बैंक का शुद्ध मुनाफा 31 मार्च को समाप्त तिमाही में 76.76 फीसदी गिरकर 50.56 करोड़ रुपये रह गया। परिचालन से प्राप्त कुल आय 55.23 करोड़ रुपये से मामूली बढ़कर 1699.53 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। एनपीए के लिए प्रावधान 217.50 करोड़ रुपये से बढ़कर 394.17 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बैंक का शुद्ध एनपीए 2.53 फीसदी बढ़कर 4.16 फीसदी हो गया। 
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