चंदा पर आंच की होगी जांच

एजेंसियां | मुंबई May 30, 2018 09:43 PM IST

आईसीआईसीआई बैंक के निदेशक मंडल ने आरोपों से घिरीं प्रबंध निदेशक और सीईओ चंदा कोछड़ की स्वतंत्र जांच के दिए आदेश

आईसीआईसीआई बैंक के निदेशक मंडल ने बैंक की प्रबंध निदेशक और सीईओ चंदा कोछड़ के खिलाफ लगे आरोपों की स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं। कोछड़ पर कुछ कर्जदारों के साथ हितों के टकराव और एक दूसरे को फायदा पहुंचाने के आरोप हैं।  कोछड़ और उनके परिवार पर वीडियोकॉन समूह को दिए गए कर्ज के मामले में एकदूसरे को फायदा पहुंचाने का आरोप है। इसके मुताबिक कर्ज के बदले वीडियोकॉन समूह ने चंदा कोछड़ के पति दीपक कोछड़ की कंपनी न्यूपावर रीन्यूएबल्स में निवेश किया था। पिछले सप्ताह सेबी ने इस संबंध में चंदा कोछड़ को एक नोटिस जारी किया था।

बैंक ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि अज्ञात व्हिसल ब्लोअर की ओर से कोछड़ के खिलाफ की गई शिकायत पर बैंक के निदेशक मंडल ने स्वतंत्र जांच का आदेश दिया है। इसमें कहा गया है कि जांच किसी स्वतंत्र और विश्वसनीय व्यक्ति के नेतृत्व में होगी। जांच का दायरा विस्तृत होगा और जांच के दौरान सामने आए सभी तथ्यों और संबंधित मामलों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। साथ ही इसमें फॉरेंसिक और ई-मेल की समीक्षा और संबंधित व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं।

कंपनी की यह नियामकीय सूचना शेयर बाजार बंद होने के बाद आई है। इसमें आगे कहा गया है कि जांच के दौरान सामने आए सभी संबंधित मामलों को इसमें शामिल किया जाएगा ताकि मामले का अंतिम तौर पर निपटारा हो सके।  बैंक की व्हिसल ब्लोअर नीति को ध्यान में रखते हुए निदेशक मंडल ने ऑडिट समिति को मामले की जांच करने के लिए स्वतंत्र एवं विश्वसनीय व्यक्ति की नियुक्ति करने का अधिकार दिया। साथ ही ऑडिट समिति संदर्भ की शर्तें और समय अवधि भी तय करेगी।

व्हिसल ब्लोअर ने अपनी शिकायत में कहा है कि चंदा कोछड़ ने हितों के टकराव से संबंधित बैंक की आचार संहिता के प्रावधानों और कानूनी तथा नियामकीय प्रावधानों का पालन नहीं किया। उसने साथ ही आरोप लगाया है कि चंदा कोछड़ ने बैंक के कुछ ग्राहकों और कर्जदारों के साथ एकदूसरे को फायदा पहुंचाने के लिए काम किया था।  

दिलचस्प बात है कि अप्रैल में बैंक के निदेशक मंडल ने कोछड़ में पूरा विश्वास व्यक्त किया था और वीडियोकॉन समूह को दिए गए ऋण में एकदूसरे को फायदा पहुंचाने के आरोपों से इनकार किया था। न्यूपावर पर यह आरोप भी है कि उसे मॉरीशस की कंपनी फस्र्टलैंड होल्डिंग्स से 325 करोड़ रुपये का निवेश मिला था।

यह कंपनी एस्सार समूह के सह संस्थापक रवि रुइया के दामाद निशांत कनौडिय़ा की है। इस निवेश की शुरुआत दिसंबर 2010 में हुई थी। उसी महीने एस्सार स्टील मिनेसोटा एलएलसी को 53 करोड़ डॉलर कर ऋण देने वाले भारतीय बैंकों के कंसोर्टियम में आईसीआईसीआई प्रमुख बैंक था। यह ऋण बाद में एनपीए बन गया था। 

कीवर्ड ICICI, bank, CBI, Chanda Kochhar,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक