'फंसे कर्जों के लिए प्रावधान दायरा बढ़ाया'

अभिजित लेले | मुंबई Jun 06, 2018 09:47 PM IST

भारतीय बैंकों ने फंसे हुए कर्ज के लिए वित्त वर्ष 2017-18 में वित्तीय प्रावधान में खासी बढ़ोतरी कर अपनी बैलेंस शीट को मजबूत बनाया है। आने वाले समय में फंसे कर्जों से निपटने के लिए ये बैंक अपने वित्तीय प्रावधान का दायरा और बढ़ा भी सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन ने बुधवार को यहां मौद्रिक समीक्षा के बाद संवाददताओं के साथ बातचीत में फंसे कर्ज के लिए बैंकों का वित्तीय प्रावधान बढ़ाने की सराहना की। उन्होंने कहा, 'हमने गैर निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) की बेहतर शिनाख्त के लिए बैंकों की तरफ से किए गए वित्तीय प्रावधानों का संज्ञान लिया है। करीब सभी बैंकों के प्रावधान दायरा अनुपात का काफी बढ़ जाना एक अहम बिंदु है।'
 
क्रिसिल रेटिंग्स की निदेशक रमा पटेल के मुताबिक बैंकिंग प्रणाली का एनपीए के लिए प्रावधान दायरा 31 मार्च 2018 को बढ़कर 50 फीसदी हो गया जबकि मार्च 2017 में यह करीब 45 फीसदी रहा था। वह कहती हैं, 'वर्तमान वित्त वर्ष में यह अनुपात और भी बढऩे के आसार हैं।' हालांकि अधिक प्रावधान करने और उसके बाद नुकसान बढऩे से पिछले वित्त ïवर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की पूंजी 1.2 लाख करोड़ रुपये कम हो गई। सार्वजनिक बैंकों को अपनी पूंजी में से 90,000 करोड़ रुपये तो सरकार से ही मिले थे। 
 
डिप्टी गवर्नर विश्वनाथन ने कहा, 'हमें प्रावधान दायरे को दो बड़े मामलों के कर्ज समाधान के संदर्भ में देखने की जरूरत है। इन दोनों ही मामलों में बैंकों ने एनपीए के लिए काफी अधिक प्रावधान किया हुआ था जिससे उन्हें कमाई का अवसर मिला।' विश्वनाथन फंसे कर्ज के निपटारे के लिए दिवालिया प्रक्रिया में भेजे गए दोनों मामलों- भूषण स्टील और इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स का जिक्र कर रहे थे। इन दोनों ही मामलों में कर्जदाता बैंकों को एनपीए के लिए किए गए प्रावधान से अधिक राशि मिली है। नीलामी के जरिये टाटा स्टील ने भूषण स्टील का अधिग्रहण किया है जबकि वेदांता ने इलेक्ट्रोस्टील का नियंत्रण अपने हाथ में लिया है। रिजर्व बैंक के शीर्ष अधिकारी विश्वनाथन ने उम्मीद जताई है कि कर्ज समाधान के दूसरे मामलों में भी कर्जदाता बैंकों को निर्धारित प्रावधान से अधिक राशि मिल सकती है। उन्होंने कहा कि आगे चलकर बैंकों के लिए निर्धारित प्रावधान के मामले में हालात और बेहतर हो सकते हैं।
कीवर्ड bank, loan, debt, RBI, rate,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक