रिजर्व बैंक ने नीतिगत दर को छह प्रतिशत पर बरकरार रखा

भाषा | मुंबई Feb 07, 2018 03:48 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक ने आज लगातार तीसरी बार मुख्य नीतिगत दर (रीपो रेट) को छह प्रतिशत पर कायम रखा है। रिजर्व बैंक गवर्नर ऊर्जित पटेल की अगुआई वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने इससे पहले पिछले साल अगस्त में रीपो दर को 0.25 प्रतिशत घटाकर छह प्रतिशत किया था। यह इसका छह साल का निचला स्तर है। उसके बाद से केंद्रीय बैंक ने नीतिगत दर में बदलाव नहीं किया है। दिसंबर की द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में महंगाई बढ़ने के आसार के मद्देनजर मानक ब्याज दर रीपो को यथावत रखा था।

हालांकि केंद्रीय बैंक ने कहा था कि भविष्य में ब्याज दर में कटौती का विकल्प खुला है। रीपो वह दर है जिस पर केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को उनकी फौरी जरूरत के लिए नकद-धन उधार देता है। इसके बढ़ने से बैंकों के धन की लागत बढ़ जाती है और इसका असर उनके कर्ज की दरों पर पड़ता है। दिसंबर में खुदरा मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंक के संतोषजनक स्तर को लांघकर 5.21 प्रतिशत पर पहुंच गई थी। नवंबर में उपभोक्‍ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति 4.88 प्रतिशत रही थी। दिसंबर, 2015 में यह 3.41 प्रतिशत पर थी।

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