बैंक धोखाधड़ी मामलों पर संसद में होनी चाहिए चर्चा : वेंकैया नायडू

भाषा | नई दिल्ली Mar 15, 2018 06:06 PM IST

सबसे बड़े बैंक घोटालों पर चर्चा को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध पर उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने आज कहा कि धोखाधड़ी के ऐसे बड़े मामलों पर चर्चा के लिए संसद में काम होना चाहिए। ऐसे मामले देश की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं और बैंकिंग व्यवस्था को लेकर संशय पैदा करते हैं। 5 मार्च से बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने के बाद से लोकसभा और राज्यसभा में लगातार हंगामा हो रहा है और ये स्थगित हो रही हैं। विपक्षी दल पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर संसद की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। विपक्षी सदस्य उस प्रस्ताव के तहत बैंकिंग अनियमितताओं पर चर्चा चाहते हैं, जिसमें मतदान अनिवार्य हो लेकिन सरकार इस मुद्दे पर बिना मत विभाजन वाले नियम के तहत चर्चा चाहती है।

उप-राष्ट्रपति ने जमीन-जायदाद के विकास से जुड़ी कंपनियों के शीर्ष संगठन क्रेडाई के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वह पीएनबी धोखाधड़ी और अन्य मुद्दों पर चर्चा कराने के लिए सहमत थे लेकिन दुर्भाग्य से चर्चा नहीं हो सकी। उन्होंने कहा, संसद के सदस्य चर्चा चाहते हैं, सरकार चर्चा चाहती है और अध्यक्ष भी चर्चा चाहते हैं लेकिन चर्चा नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि नीरव मोदी, चोकसी और विजय माल्या जैसे दो-तीन ही उदाहरण है लेकिन ये देश की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं और पूरी व्यवस्था की छवि खराब कर रहे हैं। लोग पूरी बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा, क्या यह संरचनात्मक असफलता है या फिर विभिन्न स्तर पर लोगों की मिलीगत से ऐसा हुआ है। यदि ऐसा है, तो कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। नायडू ने उम्मीद जताई है कि संसद में कामकाज होगा और इस महत्त्वपूर्ण मुद्दे पर अर्थपूर्ण और रचनात्मक चर्चा होगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मुद्दा यह नहीं कि यह इसके कार्यकाल में हुआ या उसके कार्यकाल में हुआ, मुद्दा यह है कि लोगों का बैंकिंग व्यवस्था पर से भरोसा कम हो रहा है। यह बड़ा मामला है।

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