बैंकों की मुफ्त सेवा पर जीएसटी नहीं

दिलाशा सेठ | नई दिल्ली Jun 04, 2018 10:55 AM IST

जीएसटी के दायरे में नहीं मुफ्त सेवाएं
एटीएम मशीनों पर भी नहीं लगेगा जीएसटी
मगर ब्रोकरेज पर देना होगा जीएसटी

सरकार ने बैंकिंग उद्योग को राहत देते हुए बैंकों द्वारा ग्राहकों को दी जाने वाली तथाकथित मुफ्त सेवाओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर जारी भ्रम दूर कर दिया। सरकार ने कहा कि ये सेवाएं जीएसटी के दायरे से बाहर हैं। पुरानी कर व्यवस्था के तहत बैंकों को सेवा का भुगतान नहीं करने पर नोटिस जारी किया गया था जिसके बाद भ्रम की स्थिति पैदा हुई थी।

हालांकि पुरानी कर व्यवस्था के तहत इस मुद्दे का अभी तक समाधान नहीं किया गया है लेकिन सरकार ने ऐसे संकेत दिए हैं कि ये नोटिस वापस लिए जा सकते हैं। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने वित्तीय सेवाओं के लिए जारी 32 पन्नों के एफएक्यू (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) में स्पष्टï किया कि बैंकों द्वारा दी जाने वाली मुफ्त सेवाओं पर जीएसटी नहीं लगेगा।इसमें साथ ही कहा गया है कि एटीएम मशीनें भी इसके दायरे में नहीं आती हैं।

इसके अलावा डेरिवेटिव्स, फॉरवर्ड और वायदा अनुबंधों पर भी जीएसटी नहीं लगेगा। केवल सेवा शुल्क या ब्रोकरेज ही जीएसटी के दायरे में आएंगे। इससे पहले वस्तु एवं सेवा कर खुफिया महानिदेशालय ने निजी, अंतरराष्ट्रीय और सार्वजनिक क्षेत्र के 20 बैंकों को नोटिस भेजकर जुलाई 2012 से जून 2017 के बीच मुफ्त सेवाओं के लिए सेवा शुल्क, जुर्माना और ब्याज भरने को कहा था।

बैंकों ने जमा खातों में न्यूनतम बैलेंस अनिवार्य कर दिया है और इसके बदले में वे एटीएम से नकद निकासी, चेक बुक, अकाउंट स्टेटमेंट, इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और पिन बदलने पर कोई शुल्क नहीं लेते हैं। सीबीआईसी के अधिकारियों ने बैंकों को भेजे गए नोटिस को सही ठहराते हुए कहा था कि वे मुफ्त सेवाएं नहीं दे रहे हैं बल्कि वे ग्राहकों को न्यूनतम बैलेंस रखने के नाम पर चार्ज कर रहे हैं और ऐसा नहीं करने पर ग्राहकों पर जुर्माना लगा रहे हैं। 

 

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