सरकारी बैंकों के पुनर्पूंजीकरण में देरी चिंताजनक: रेड्डी

भाषा | कोल्हापुर Jun 10, 2018 09:36 PM IST

रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाईवी रेड्डी ने सार्वजनिक बैंकों के पुनर्पूंजीकरण में हो रही देरी तथा अनिश्चितता पर चिंता व्यक्त की है। रेड्डी ने शिवाजी विश्वविद्यालय में 'कीपिंग बैंक सेफ' विषय पर अपने व्याख्यान में कहा, 'सार्वजनिक बैंकों में पूंजी डालने जाने में सरकार की ओर से हो रही देरी तथा इसमें अनिश्चितता परेशानी का कारण है, इसमें कोई शक नहीं है।'  रेड्डी ने कहा कि यदि किसी बैंक के पास इतनी नकदी नहीं हो कि वह जमाकर्ताओं का पैसा वापस कर सके तो इससे जमाकर्ता प्रभावित होते हैं। 
 
उन्होंने कहा, 'निजी क्षेत्र के बैंकों के पास इतनी नकदी है कि वे जमाकर्ताओं के धन की सुरक्षा की शर्त को पूरा कर सकें। लेकिन सार्वजनिक बैंकों के पास इस शर्त को पूरा करने के लिए पर्याप्त नकदी नहीं है।'  गौरतलब है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को पिछले वित्त वर्ष के दौरान सरकार से 90,000 करोड़ रुपये की पूंजी प्राप्त हुई। चालू वित्त वर्ष में सरकार ने बैंकों को अतिरिक्त शेयरपूंजी देने के लिए बजट में 65,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 2017-19 के दौरान विभिन्न तरीकों से 2.11 लाख करोड़ रुपये की भारी पूंजी उपलब्ध कराने की एक बड़ी योजना भी घोषित की है। रेड्डी ने इस मौके पर पंजाब नेशनल बैंक जैसे घोटालों को लेकर सरकार को भी निशाने पर लिया।
कीवर्ड bank, loan, debt, RBI,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक