एमएसएमई को ऋण एवं नवाचार समर्थन के लिए 3,794 करोड़ रुपये

भाषा | नई दिल्ली Feb 01, 2018 03:36 PM IST

वर्ष 2018-19 के बजट में सूक्ष्म लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को समर्थन देने के लिए 3,794 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की गई है। वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि यह समर्थन इस क्षेत्र को ऋण समर्थन, पूंजी एवं ब्याज सब्सिडी और नवाचार के लिए दिया गया है। वित्त मंत्री ने पिछले वित्त वर्ष में 250 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले कंपनियों के लिए कंपनी कर की दर को घटाकर 25 प्रतिशत करने की घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि इससे लघु उद्योग क्षेत्र में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। वित्त मंत्री ने लोकसभा में आज 2018-19 का बजट पेश करते हुए कहा कि कपड़ा क्षेत्र के लिए 7148 करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि पिछले 3 साल से रोजगार के अवसर सृजित करना और लोगों को रोजगार मुहैया कराना सरकार की प्रमुख नीति रही है। उन्होंने कहा कि हाल में एक स्वतंत्र अध्ययन से पता चला है कि इस साल 70 लाख औपचारिक रोजगार के अवसर सृजित हुए। जेटली ने कहा कि सरकार अगले तीन साल तक सभी क्षेत्रों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) में नए कर्मचारियों के लिए दिए जाने वाले 12 फीसदी वेतन योगदान को जारी रखेगी।

वित्त मंत्री ने सभी क्षेत्रों में सावधि रोजगार सुविधा में विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने रेखांकित किया कि सरकार एमएसएमई क्षेत्र के डूबते खातों और गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) से प्रभावी तौर पर निपटने के लिए उपायों की जल्द घोषणा करेगी। वित्त मंत्री ने कहा, 250 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए कर की दर घटाकर 25 प्रतिशत करने से पूरे सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम वर्ग को फायदा मिलेगा जिसमें आयकर रिर्टन दाखिल करने वाली लगभग 99 फीसदी कंपनियां आती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि 99 फीसदी के लिए कंपनी कर की दर से कंपनियों के पास निवेश करने के लिए अतिरिक्त रकम उपलब्ध होगी जिससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

जेटली ने कहा, कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम 1952 में संशोधन के जरिए पहले तीन साल के दौरान महिला कर्मचारियों का योगदान घटाकर 8 फीसदी करने का प्रस्ताव है जो फिलहाल 12 फीसदी अथवा 10 फीसद है। हालांकि, नियोक्ता के योगदान में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

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