यूपी में आया अब तक का सबसे बड़ा बजट

सिद्धार्थ कलहंस | लखनऊ Feb 16, 2018 03:10 PM IST

बजट की खास बातें

कुल 4,28,384.52 करोड़ रुपये का बजट
पिछले बजट की तुलना में 11.4 प्रतिशत अधिक
44,053 करोड़ रुपये राजकोषीय घाटे का लक्ष्य
औद्योगिक विकास के लिए 2,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था
एक्सप्रेसवे के लिए 2,700 करोड़ रुपये रखे गए
ग्रामीण आवास के लिए 11,500 करोड़ रुपये आवंटित

उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को पेश बजट में सरकार ने हरफनमौला बनने की कोशिश की है। इसमें उद्योगों पर रहमत बरसाई गई है तो बुनियादी ढांचे और देहात को भी शिकायत का मौका नहीं दिया गया है। 2018-19 के बजट में योगी आदित्यनाथ सरकार ने उद्योगों के लिए भारी-भरकम राशि का आवंटन किया है। बजट में उम्मीद के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र पर तो ध्यान दिया ही गया है, लेकिन औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भी अच्छा-खास धन आवंटित किया गया है। इसके पीछे सरकार का मकसद रोजगार सृजन में तेजी लाना है। केंद्रीय बजट की तर्ज पर योगी सरकार ने गांवों-किसानों के लिए झोली खोलने में भी कंजूसी नहीं दिखाई है।

पहले से बड़ा बजट

प्रदेश विधानसभा में 4,28,384.52 करोड़ रुपये का भारी भरकम बजट पेश किया गया, जो पिछले बजट की तुलना में 11.4 प्रतिशत अधिक है। पिछले साल जुलाई में मौजूदा सरकार ने ही 3.84 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इस साल के बजट में 44,053 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे की संभावना जताई गई है। यह सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2.96 प्रतिशत है। बजट पेश करते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि इस बार सरकार ने 14,341 करोड़ रुपये की नई योजनाएं शामिल की गई हैं।
 
उद्योग बने दुलारे

बजट में पहली बार औद्योगिक विकास के लिए करीब 2,000 करोड़ रुपये और एक्सप्रेसवे के लिए 2,700 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 2010 की औद्योगिक नीति के तहत उद्योग लगा चुके उद्यमियों को सहूलियत देने के लिए बजट में 600 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। नई उद्योग नीति के लिए 500 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। वित्त मंत्री ने अगले हफ्ते होने जा रहे निवेशक सम्मेलन में व्यापक पूंजी निवेश के प्रस्ताव आने की उम्मीद जताई। हाल ही में लागू की गई "एक जनपद एक उत्पा"योजना के लिए बजट में 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

एक्सप्रेसवे पकड़ेंगे एक्सप्रेस की रफ्तार

योगी सरकार के दूसरे बजट में एक्सप्रेसवे पर बहुत जोर दिया गया है। आगरा को बुंदेलखंड से जोड़ने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए 650 करोड़ रुपये और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 550 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। लखनऊ से गाजीपुर तक बनने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए बजट में 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के बचे काम निपटाने के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

मजबूत होगा गांव का ढांचा

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बार के आम बजट में गांव-देहात पर जितना जोर दिया, उत्तर प्रदेश के बजट में भी उन पर उतना ही जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत गांवों में घर बनाने के लिए 11,500 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत लगभग 1,040 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है। समूचे प्रदेश में सड़क निर्माण के लिए 11,343 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पुल निर्माण के लिए 1,817 करोड़ रुपये और सरयू नहर परियोजना के लिए 1,614 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 2,873 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। ऊर्जा क्षेत्र के लिए 29,883 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

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