होम » Commodities
«वापस

यूरोपीय संघ को रुकेगा निर्यात!

निर्माल्य बेहड़ा | भुवनेश्वर Aug 08, 2017 09:57 PM IST

यूरोपीय संघ को भारत के समुद्री खाद्य उत्पादों के निर्यात पर जांच का साय मंडरा रहा है। इसकी वजह यह है कि भारत से निर्यात होने वाले समुद्री खाद्य उत्पादों में एंटीबायोटिक्स के अंश मिलने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। भारतीय समुद्री खाद्य पदार्थों के लिए यूरोपीय संघ तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। ब्रिटेन के आयातकों के बीच यह अटकल बढ़ गई है कि यूरोपीय संघ भारतीय समुद्री खाद्य उत्पादों के आयात पर रोक लगाने के बारे में विचार कर रहा है। हालांकि ऐसे कदम को लेकर यूरोपीय संघ आयोग की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। 

 
वर्ष 2016-17 में भारत से कुल 5.78 अरब डॉलर के समुद्री खाद्य पदार्थों का निर्यात हुआ था, जिसमें से यूरोपीय संघ का हिस्सा 18 फीसदी था। कारोबारी सूत्रों ने कहा कि नाइट्रोफ्यूरैंस एवं मेटाबॉलाइट्स, एओजेड और क्लोरैमफेनिकॉल जैसे एंटिबायोटिक्स की मौजूदगी की वजह से यूरोपीय संघ में भारतीय झींगे की खेपों को रद्द करने के मामले बढ़े हैं। लेकिन हाल में रद्द होने की दर में कमी आई है। माना जा रहा है कि यूरोपीय संघ आयोग सीधे उन फैक्टरियों पर प्रतिबंध लगाएगा, जिनके उत्पादों को रद्द किया गया है।
 
ब्रिटेन के समुद्री खाद्य उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले सीफिश के सलाहकार ने आयातकों को पत्र लिखा है, 'हालांकि आयोग ने अभी कोई आधिकारिक कदम नहीं उठाया है और यह मसला यूरोपीय संघ के एजेंडे में भी नहीं है, लेकिन भारतीय समुद्री खाद्य उत्पादों के आयात का भविष्य धुंधला नजर आ रहा है। डीजी सांते (स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा महानिदेशक) भारतीय झींगे में लगातार एंटीबायोटिक्स पाए जाने को लेकर चिंतित हैं और वे भारतीय अधिकारियों के अब तक के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं।'
 
सलाहकार ने कहा, 'जो हमारे पास जानकारी है, उसके आधार पर अगर आयोग स्थायी समिति के पास यह प्रस्ताव भेजता है कि भारतीय समुद्री खाद्य पदार्थों के आयात पर पूरी तरह रोक लगाई जाए तो इसमें कोई अचंभा नहीं होना चाहिए। इस समय आयोग गर्मियों की छुट्टियों की वजह से बंद है, इसलिए सितंबर तक कोई बैठक नहीं होगी। आगे के घटनाक्रम पर हमारी नजर बनी रहेगी।' पिछले साल यूरोपीय संघ ने भारत से आयातित समुद्री खाद्य पदार्थों की निगरानी के नियम कड़े किए थे। पहले खेप में कम से कम 10 फीसदी हिस्से के नमूनों की जांच का नियम था, जिसे पिछले साल बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया गया।
कीवर्ड sea food, fish,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक