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इस साल वैश्विक स्तर पर उम्मीद से अधिक बढ़ेगी तेल की मांग

रॉयटर्स | लंदन Aug 11, 2017 09:14 PM IST

इस साल दुनिया में तेल की मांग उम्मीद से भी अधिक रह सकती है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) का कहना है कि उत्तर अमेरिका में उत्पादन बढऩे और तेल उत्पादक देशों के समूह (ओपेक) के सदस्यों के उत्पादन में कटौती के निर्णय में पूरी तरह साथ नहीं देने के बावजूद दुनिया में बढ़ते तेल भंडार के बीच इसकी मांग बढ़ेगी। एजेंसी ने 2017 के लिए मांग का अनुमान 14 लाख बैरल प्रति दिन से बढ़ाकर 15 लाख बैरल प्रति दिन कर दिया है। इसका कहना है कि अगले साल तेल की मांग में 14 लाख बैरल प्रति दिन का और इजाफा हो सकता है। 

 
आईईए ने मुख्य तौर पर इंडोनेशिया, मलेशिया और ईरान की मांग के पिछले ऐतिहासिक आंकड़ों में संशोधन किए हैं जबकि भारत के लिए आंकड़े में इजाफा किया है। चीन के लिए आंकड़ों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आईईए ऊर्जा नीति पर औद्योगिक राष्ट्रों को सलाह देती है। पेरिस स्थित इस एजेंसी ने कहा, 'तेल उत्पादकों को मांग में तेजी से उत्साहित होना चाहिए। मांग में सालाना उम्मीद से अधिक बढ़ोतरी हो रही है। दरअसल इससे यह विश्वास पैदा होगा कि उत्पादन में कमी नहीं होने के बावजूद मांग मजबूत रहने से संतुलन की स्थिति बनी रहेगी।' ओपेक उत्पादन में प्रतिदिन 12 लाख बैरल प्रति दिन कमी कर रहा है, जबकि रूस और दूसरे गैर-ओपेक देश तेल की गिरती कीमतें थामने के लिए मार्च 2018 तक उत्पादन में अतिरिक्त 600,000 बैरल प्रति दिन की कमी कर रहे हैं। एजेंसी के अनुसरा अल्जीरिया, इराक और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) उत्पादन में कमी के निर्णय का पालन करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। 
 
इनके अलावा ओपेक के एक सदस्य लीबिया, जिसे फिलहाल उत्पादन में कमी करने से छूट है, ने भी उत्पादन तेजी से बढ़ा दिया है। नतीजा यह हुआ है कि जुलाई में वैश्विक स्तर पर कुल तेल आपूर्ति 520,000 बैरल प्रति दिन तक बढ़ गया। तेल की कीमत थामने के ओपेक के प्रयास में गैर-ओपेक देश बाधा बन रहे हैं। गैर-ओपेक देश उत्पादन बढ़ा रहे हैं और अमेरिका के उत्पादन में कमी नहीं करने से 2017 में इसमें 70 हजार बैरल प्रति दिन और 2018 में इसे 14 लाख बैरल प्रति दिन बढ़ोतरी की उम्मीद है। तेल की मांग अधिक रहने से अतिरिक्त जमा तेल का भंडार खप रहा है। आईईए के अनुसार जून और जुलाई दोनों में औद्योगिक रूप से विकसित देशों में तेल का भंडार कम हो रहा है। 
 
इस समय जमा भंडार 21.9 करोड़ बैरल है, जो पांच साल के औसत से अधिक है। एजेंसी ने विकासशील देशों के लिए 2015-16 के मांग के आंकड़े संशोधित किए हैं और इसमें 20,000 से 40,000 बैरल प्रति दिन कमी की है। इन संशोधनों के कारण आईईए ने 2017-18 के लिए आधार मांग के आंकड़े में 30,000 से 40,000 बैरल प्रति दिन की कमी की है, इसलिए ओपेक के कच्चे तेल की मांग में भी इतनी ही कमी की गई है।
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