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आईसीईएक्स में हीरा वायदा सौदे शुरू, 1 कैरट के सौदों से शुरुआत

दिलीप कुमार झा | मुंबई Aug 28, 2017 10:43 PM IST

बाद में 30 सेंट और 50 सेंट के अनुबंध भी संभव
नैशनल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के विलय की भी घोषणा

इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज (आईसीईएक्स) ने सोमवार को विश्व के पहले हीरे के वायदा सौदे शुरू कर दिए। इससे जिंस डेरिवेटिव में कारोबार की एक नई श्रेणी मिल गई है। शुरुआत में नवंबर में डिलिवरी वाले पहले हीरा अनुबंध का कारोबार 3,279 रुपये प्रति सेंट पर हुआ। एक्सचेंज पर अब तक 103 सदस्य पंजीकृत हो चुके हैं। इसने शुरुआत में नवंबर डिलिवरी के लिए 1 कैरट के हीरा वायदा पेश किए हैं। इसके बाद मासिक निपटान वाले सौदे पेश किए जाएंगे। शुरुआती अनुबंधों के सफल होने के बाद 50 सेंट और 30 सेंट के सौदे शुरू किए जाएंगे। 

एक्सचेंज ने अहमदाबाद के नैशनल मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एनएमसीई) के विलय की भी घोषणा की है। विलय की प्रक्रिया शुरू करने के लिए आईसीईएक्स जल्द ही राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण, अहमदाबाद से संपर्क करेगा। इस विलय को मंजूरी मिलने के बाद आईसीईएक्स को स्वत: ही रबर, कॉफी समेत कुछ कृषि जिंसों में वायदा सौदे शुरू करने की मंजूरी मिल जाएगी। 

आईसीईएक्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी संजित प्रसाद ने कहा, 'हीरा वायदा की शुरुआत की यात्रा करीब ढाई साल पहले प्रारंभ हुई थी, जिस समय इस अनुबंध में मौजूद संभावनाओं के बारे में सहमत करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों से संपर्क साधा गया था। हीरा एक अधिसूचित जिंस नहीं है, इसलिए एक्सचेंज के अधिकारियों के लिए ऐसे अनुबंध के बारे में सरकारी अधिकारियों को राजी करना जरूरी था। हीरे को ऑनलाइन एक्सचेंजों पर डेरिवेटिव ट्रेडिंग वाली जिंस के रूप में अधिसूचित किया गया था। आईसीईएक्स के बोर्ड को राजी करना भी एक चुनौती थी। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने भौतिक बाजार के बिचौलियों के साथ काफी विचार-विमर्श के बाद इस अनुबंध को मंजूरी दी है।' 

आईसीईएक्स इस अनुबंध के निपटान के लिए पिछले 8 से 9 महीनों से तराशे हुए हीरों की कीमतों की पोलिंग कर रहा है। हाजिर बाजार की पोलिंग से प्राप्त कीमतों को इस अनुबंध के निपटान में बेंचमार्क के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। कीमत अंतर 1 रुपये होगा और शुरुआती मार्जिन वैल्यू एट रिस्क  (वीएआर) आधार पर 5 फीसदी होगा। आईसीईएक्स हीरों की एचवीएस2 गुणवत्ता मुहैया कराएगा। ये हीरे डी बीयर्स समूह की कंपनी इंटरनैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायमंड ग्रेडिंग ऐंड रिसर्च (आईआईडीजीआर) द्वारा प्रमाणित होंगे। हीरों के लिए वॉल्टिंग (भंडारण) सेवा मलका एमिट मुहैया कराएगी, जो हीरों की वॉल्टिंग और स्टोरेज में विश्व का जाना पहचाना नाम है। 

प्रसाद ने कहा, 'यह अनिवार्य डिलिवरी अनुबंध है। इसलिए कीमतों के साथ छेड़छाड़ के प्रयास से डिलिवरी का डर भी जुड़ा हुआ है। इसलिए हमें किसी कारोबारी या कारोबारी समूह द्वारा कीमतों के साथ छेड़छाड़ करने का जोखिम नजर नहीं आ रहा है।' इस अनुबंध में एक सेंट में कारोबार करने की सुविधा है। इन यूनिटों को सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) की तरह लंबे समय तक संचित किया जा सकता है, ताकि इनकी एक कैरट में डिलिवरी हो सके। डिलिवरी तक कारोबारी के इलेक्ट्रॉनिक खाते में हीरे की यूनिटें रहेंगी। कारोबार होने वाली कीमतों में डिलिवरी और लेनदेन शुल्क शामिल है। 

एमसीएक्स को मंजूरी का इंतजार

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) ने भी हीरों में वायदा कारोबार शुरू करने के लिए सेबी में आवेदन किया है। एक्सचेंज के पास निपटान कीमत के लिए दो विकल्प होंगे। सूत्रों के मुताबिक अगर सेबी ने मंजूरी दी तो यह सिंगापुर डायमंड इन्वेस्टमेंट एक्सचेंज (आईसीईएक्स) की कीमतों का इस्तेमाल करेगा अन्यथा आईसीईएक्स की तरफ पोलिंग करेगा। एसडीआईएक्स विश्व का पहला और एकमात्र ऐसा एक्सचेंज है, जिसमें हाजिर निपटान वाले हीरों का कारोबार होता है। एमसीएक्स ने एसडीआईएक्स के साथ दोनों एक्सचेंजों के बीच सहयोग के क्षेत्रों को लेकर समझौता किया है। एमसीएक्स पर सोना सबसे ज्यादा सक्रिय अनुबंध है। सोने का कारोबार करने वाले ज्यादातर कारोबारी हीरों में भी सौदा करते हैं या इसे समझते हैं। 
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