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प्रतिस्पर्धा के बीच ईंधन रिटेलर ने कसी कमर

अमृता पिल्लई | मुंबई Aug 29, 2017 10:08 PM IST

रोसनेफ्ट के आने से प्रतिस्पर्धा गहराने के आसार

हरकत में ईंधन रिटेलर

तेल विपणन कंपनियां रिटेल आउटलेट की दोबारा ब्रांडिंग, लॉयल्टी प्रोग्राम और कंपनी के मालिकाना हक वाले आउटलेट पर छूट के विस्तार समेत विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही हैं
ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा, तीनों तेल विपणन कंपनियां अपने-अपने आउटलेट की साजसज्जा पर काम कर रही हैं और कंपनी के मालिकाना हक वाले आउटलेट पर छूट की पेशकश भी कर रही हैं
देश के कुल 59,595 खुदरा आउटलेट में बीपीसीएल के 13,983 आउटलेट, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के 14,412 आउटलेट और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के 26,212 आउटलेट हैं

पिछले हफ्ते रूस की रोसनेफ्ट की अगुआई वाले कंसोर्टियम ने ईंधन रिटेल नेटवर्क समेत एस्सार ऑयल की परिसंपत्तियों का अधिग्रहण पूरा किया है। इस वजह से बढ़ी प्रतिस्पर्धा से सरकारी तेल विपणन कंपनियां यह सुनिश्चित करने में जुट गई हैं कि उनके यहां ग्राहकों की संख्या में कमी न आए। तेल विपणन कंपनियां रिटेल आउटलेट की दोबारा ब्रांडिंग, लॉयल्टी प्रोग्राम और कंपनी के मालिकाना हक वाले आउटलेट पर छूट के विस्तार समेत विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही हैं।

उदाहरण के लिए भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) ने हाईवे आउटलेट के लिए प्रोग्राम में सुधार किया है। कंपनी प्रभावी तरीके से सभी हितधारकों को शामिल कर रही है। आउटलेट में अब बदलाव देखने को मिलेगा। कंपनी के एक अधिकारी ने इस महीने विश्लेषकों से कहा था, हमारा गुणवत्ता एश्योरेंस कार्यक्रम पूरी तरह बदल जाएगा। इसके अलावा धरातल पर कई गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

बीपीसीएल के एक आला अधिकारी ने पुष्टि की है कि आउटलेट में सुधार हो रहा , लेकिन इस बारे में और विस्तार से जानकारी देने से इनकार कर दिया। उद्योग के सूत्रों के मुताबिक, इसके अतिरिक्त बीपीसीएल ग्राहक खींचने के लिए कुछ आउटलेट पर छूट की पेशकश भी कर रही है। ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल ने कहा, बीपीसीएल एकमात्र उदाहरण नहीं है। तीनों तेल विपणन कंपनियां अपने-अपने आउटलेट की साजसज्जा पर काम कर रही हैं और कंपनी के मालिकाना हक वाले आउटलेट पर छूट की पेशकश भी कर रही हैं।

एचपीसीएल के बारे में रेटिंग एजेंसी क्रिसिल का मानना है कि ये कदम उन्हें ब्रांड की स्थिति बनाए रखने में मदद करेंगे। क्रिसिल ने 24 अगस्त के नोट में एचपीसीएल पर कहा है, कंपनी ने ब्रांडिंग व विपणन के लिए आक्रामकता के साथ कदम उठाए हैं और वह अपने खुदरा नेटवर्क का विस्तार कर रही है। इन कदमों से कंपनी को ब्रांड की स्थिति बनाए रखने में मदद मिलेगी।

देश के कुल 59,595 खुदरा आउटलेट में बीपीसीएल के 13,983 आउटलेट, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के 14,412 आउटलेट और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के 26,212 आउटलेट हैं। इस बारे में जानकारी के लिए बीपीसीएल, एचपीसीएल और आईओसी को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला। सौदा पूरा होने के साथ रोसनेफ्ट की पहुंच देश में करीब 3,500 आउटलेट तक हो गई है और यह देश में सबसे बड़ी निजी ईंधन रिटेलर बन गई है। हालांकि तेल विपणन कंपनियां सौदा पूरा होने से पहले से ही इनमें से ज्यादातर कदम उठा रही थीं। विश्लेषकों की रिपोर्ट के मुताबिक, कुल मिलाकर सरकारी तेल विपणन कंपयिों की बढ़त की रफ्तार डीजल क्षेत्र में उद्योग की रफ्तार के मुकाबले कम रही है, जो निजी कंपनियों के हाथों बाजार हिस्सेदारी गंवाने का संकेत दे रहा है। 

रोसनेफ्ट के प्रवेश से पहले ही पेट्रोल-डीजल की कीमतें रोजाना बदलने लगी हैं, जिसने खुदरा बाजार को और प्रतिस्पर्धी बना दिया है। निजी व सरकारी ईंधन रिटेलरों की तरफ से प्रतिस्पर्धा बढऩे के चलते बीपीसीएल का कारोबार घटा, इसी वजह से वह हाईवे आउटलेट में सुधार के लिए प्रोत्साहित हुई। उद्योग के सूत्रों के मुताबिक, नियोजित सुधार के अतिरिक्त बीपीसीएल कुछ निश्चित आउटलेट पर छूट की पेशकश भी कर रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहक आकर्षित हों। बीपीसीएल के अधिकारियों ने विश्लेषकों से कहा, पीएसयू में हमारी पेट्रोल हिस्सेदारी 28.81 फीसदी है, जो पिछले साल 28.51 फीसदी रही थी। डीजल के मामले में यह 28.56 फीसदी है, जो पिछले साल 28.84 फीसदी रही थी।
कीवर्ड रोसनेफ्ट, प्रतिस्पर्धा, ईंधन, रिटेलर, तेल, विपणन, आउटलेट, ब्रांडिंग, पेट्रोलियम, एसोसिएशन,

  
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