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सीमेंट के दाम अभी रहेंगे कमजोर

अभिषेक रक्षित | कोलकाता Sep 10, 2017 09:30 PM IST

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और रियल एस्टेट (रेग्युलेशन ऐंड डेवलपमेंट) ऐक्ट, 2016 (रेरा) के क्रियान्वयन के साथ साथ अच्छी बारिश से पूरे देश में नई कर व्यवस्था के शुरुआती महीनों में सीमेंट कीमतों में औसतन 2-3 फीसदी तक की नरमी आई है। माना जा रहा है कि सीमेंट कीमतें दूसरी तिमाही के दौरान भी तब तक कमजोर बनी रहेंगी जब तक कि बड़ी तादाद में सीमेंट डीलर नए कर ढांचे के अनुरूप पूरी तरह नहीं ढल जाते।
सीमेंट क्षेत्र के विश्लेषकों का मानना है कि खासकर उत्तरी, मध्य और पूर्वी बाजार ज्यादा प्रभावित हुए हैं क्योंकि ज्यादातर डीलरों ने जीएसटी को ध्यान में रखते हुए जून में माल घटाने (डीस्टॉकिंग) पर जोर दिया था और फिर माल पुन जमा करने (रीस्टॉकिंग) की रफ्तार संतोषजनक नहीं रही। इसके अलावा, खासकर टियर-3 और 3 बाजारों में डीलर अभी भी इनपुट टैक्स क्रेडिट से बिक्री की रफ्तार प्रभावित होने की आशंका से जूझ रहे हैं।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के एक विश्लेषक ने कहा, 'ऐसा माना जा रहा है कि कीमतें दूसरी तिमाही में भी सुस्त बनी रहेंगी क्योंकि खासकर उत्तर-पूर्वी बाजारों में डीलरों को अभी भी जीएसटी के क्रियान्वयन और इनपुट टैक्स क्रेडिट के क्लेम के संबंध में अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ रहा है।'
विश्लेषक अनुमान लगा रहे हैं कि अगस्त-सितंबर अवधि में कीमतें पांच क्षेत्रों में 2-5 फीसदी तक प्रभावित होंगी।  रेरा ऐक्ट के साथ साथ जीएसटी के लिए सख्त अनुपालन मानकों की जरूरत है जिससे निर्माण गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों को जुलाई-अगस्त की अवधि में कारोबार में मंदी का सामना करना पड़ा है।
अप्रैल के दौरान 307 रुपये प्रति बैग की औसत कीमतों के बाद से सीमेंट कीमतों में चालू वित्त वर्ष की शुरुआत से ही गिरावट का रुझान बना हुआ है। जहां अप्रैल में सीमेंट कीमतों में 4 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई थी वहीं जून (जीएसटी क्रियान्वयन से एक महीने पहले) में कीमतों में 3.5 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। लेकिन जुलाई-अगस्त के दौरान कीमतें अप्रैल की कीमतों की तुलना में 6 प्रतिशत तक गिरकर 289 रुपये प्रति बैग रह गईं। सेंट्रम ब्रोकिंग के एक विश्लेषक ने कहा, 'मांग और सीमेंट की आपूर्ति जीएसटी क्रियान्वयन के बाद से धीमी पड़ी है और यह सुस्ती एक से दो और महीनों तक बनी रह सकती है। रेरा के लागू होने से भी बिक्री पर दबाव बना रहेगा।'
विश्लेषक ने कहा, 'कुल मिलाकर, डीलर संकेत दे रहे हैं कि मॉनसून में तेजी और जीएसटी के प्रभाव के साथ साथ रेरा से भी सीमेंट के उठाव में नरमी आएगी। हालांकि विपणन अधिकारी इसे लेकर उत्साहित बने हुए हैं कि अच्छा मॉनसून चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही के दौरान बेहतर सीमेंट उठाव में मददगार साबित होगा।' जीएसटी, रेरा और अच्छे मॉनसून के अलावा बालू के खनन का प्रभाव भी खासकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु क्षेत्र में सीमेंट कीमतों पर पड़ा है।  हालांकि एक सीमेंट कंपनी के अधिकारी का मानना है कि एनजीटी द्वारा प्रतिबंधों की वजह से पैदा हुई बालू की किल्लत निकट भविष्य में वैकल्पिक बालू के जरिये दूर हो जाएगी।

कीवर्ड Cement, GST, Rera,

  
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