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जीएसटी घटने से हीरा आयात बहाल

विनय उमरजी | अहमदाबाद Sep 12, 2017 10:37 PM IST

'अनसॉर्टेड' हीरों का आयात फिर शुरू होने के आसार
इस साल जुलाई से 3 फीसदी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की वजह से सुस्त पड़े औद्योगिक अपरिष्कृत हीरों के आयात में इस दर को संशोधित कर 0.25 फीसदी किए जाने के बाद फिर से तेजी आ सकती है। खुरदरे यानी अपरिष्कृत हीरे के सभी ग्रेड्स में कर दरों को तर्कसंगत बनाए जाने के लिए 9 सितंबर को जीएसटी परिषद ने एचएस कोड 7102.10 और 7102.21 के औद्योगिक और खुरदरे हीरे पर 3 फीसदी कर को संशोधित कर 0.25 फीसदी कर दिया है।

जुलाई में नई कर व्यवस्था के लागू होने के बाद से ही जीएसटी ऐक्ट के तहत खुरदरे हीरों से राजस्व पर दो दरें लागू की गई थीं। इनमें, गैर-औद्योगिक या खुरदरे हीरों की 'रत्न गुणवत्ता' के लिए 0.25 फीसदी की दर जबकि इंडस्ट्रियल और अनसॉर्टेड खुरदरे हीरे पर 3 फीसदी का जीएसटी लागू था। इन खुरदरे हीरों को वैश्विक रूप से तीन कोड में श्रेणीबद्ध किया गया है जिनमें गैर-औद्योगिक खुरदरे हीरे के लिए 7102.31 कोड जो 0.25 फीसदी जीएसटी आकर्षित करता है, जबकि शेष हीरों को 7102.10 और 7102.21 कोड में विभाजित किया गया जिन पर 3 फीसदी जीएसटी लगता है।

रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने कहा है कि यह एक बड़ी राहत है, लेकिन विभिन्न एचएस कोड के खुरदरे हीरों के निर्धारण में अंतर को दूर किए जाने की भी जरूरत है नहीं तो आयातकों और सीमा शुल्क विभाग के बीच विवाद को बढ़ावा मिल सकता है।

जीजेईपीसी के चेयरमैन प्रवीणशंकर पंड्ïया ने कहा, 'खुरदरे हीरे के लिए घोषित जीएसटी दरों के अनुसार, इंडस्ट्रियल और अनसॉर्टेड खुरदे हीरों को जीएसटी की 3 फीसदी की दर के तहत वर्गीकृत किया गया जबकि नॉन-इंडस्ट्रियल खुरदरे हीरे को 0.25 फीसदी जीएसटी दर के तहत। हालांकि अनसॉर्टेड खुरदरे हीरे (एचएस 7102.10) के लिए एक्सप्लेनेटरी नोट में इसका भी समर्थन किया गया है कि अन्य एचएस कोड के तहत आने वाले खुरदरे हीरे को भी अनसॉर्टेड रफ डायमंड के तौर पर समझा जा सकेगा। यदि इस अंतर में सुधार नहीं लाया गया तो जीएसटी के तहत खुरदरे हीरों के विभिन्न स्वरूपों के आयात पर सीमा शुल्क विभाग द्वारा कर निर्धारण बेहद संवेदनशील होगा।' जीजेईपीसी के क्षेत्रीय चेयरमैन दिनेश नवादिया का कहना है कि हालांकि खुरदरे हीरे के विभिन्न एचएस कोड के लिए कर दरों में समानता लाए जाने से एचएस 7102.10 कोड के अनसॉर्टेड खुरदरे हीरे का आयात इस महीने से पुन: शुरू हो सकता है।

उन्होंने कहा, 'शुरू में खुरदरे हीरों पर कोई आयात शुल्क लागू नहीं था। इसके अलावा, जब किसी खास कोड के तहत खुरदरे हीरे का आयात होता है तो इसकी छानबीन की जाती है और कभी कभी सीमा शुल्क अधिकारियों द्वारा इसकी श्रेणी में बदलाव कर दिया जाता है। चूंकि पहले कोई शुल्क लागू नहीं था, इसलिए सीमा शुल्क और हीरा आयातकों के बीच किसी तरह के विवाद की आशंका नहीं थी। लेकिन जीएसटी के बाद आयात अब अधिक उबाऊ हो गया है।' जुलाई से अब तक खुरदरे हीरे के आयातकों को माल पहुंचाने में औसत 15 दिन के विलंब का सामना करना पड़ा, जिससे कार्यशील पूंजी पर अधिक ब्याज भुगतान का दबाव बढ़ गया था। नवादिया का मानना है कि लेकिन अब सभी खुरदरे हीरों पर 0.25 फीसदी की समान दर लागू होने से हीरे की खेप के जल्द पहुंचने में मदद मिलेगी और साथ ही सीमा शुल्क अधिकारियों के साथ आयातकों की नोंकझोंक भी घटेगी।

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