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आयकर छापों से लुढ़कने लगा प्याज

सुशील मिश्र | मुंबई Sep 15, 2017 09:55 PM IST

महाराष्ट्र के नाशिक जिले में प्याज कारोबारियों के यहां आयकर विभाग की छापेमारी के बाद प्याज की कीमतों में भारी गिरावट आर्ई है। एक ही दिन में प्याज के दाम 36 फीसदी तक लुढ़क गए। छापेमारी के विरोध में  प्रमुख प्याज मंडी लासलगांव के कारोबारी हड़ताल पर चले गए। आयकर विभाग की संभावित कार्रवाई और बाजार में अफवाहों के चलते किसानों ने भी अपना माल रोक दिया है। प्याज कारोबारी और किसान शनिवार को नाशिक में बैठक करके आगे की रणनीति तय करेंगे।
 
विभाग ने बड़े प्याज कारोबारियों के यहां छापे मारे हैं। सरकार को संदेह है कि हाल में प्याज के दामों में जो बढ़ोतरी हुई थी उसके पीछे जमाखोरी और सट्टïेबाजी है। विभाग ने पिछले दो दिनों के दौरान नाशिक जिले के बड़े प्याज कारोबारियों के 34 ठिकानों में पर छापे मारे और सैकड़ों लोगों से पूछताछ की। मंडी में आपूर्ति करने वाले ट्रांसपोर्टरों से भी पूछताछ की गई। छापेमारी के बाद प्याज के दाम औंधे मुंह गिर गए। बुधवार को लासलगांव में प्याज की औसत कीमत 1400 रुपये प्रति क्विंटल बोली जा रही थी जो 36 फीसदी गिरकर 900 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। प्याज कारोबारियों के घरों, दफ्तरों और गोदामों पर एक साथ की गई छापेमारी की खबरें आते ही प्याज के दाम लुढ़कना शुरू हो गए।
 
लाससगांव एपीएमसी के चेयरमैन जयदत्त होल्कर के मुताबिक जिन 7 कारोबारियों के यहां छापेमारी की गई है उनमें से दो लासलगांव के हैं। इन कारोबारियों के पास बाजार में आने वाले कुल माल का 30 फीसदी हिस्सा खरीदने की क्षमता है। आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद बाजार में भय का माहौल है जिसके चलते थोक बाजार में प्याज की कीमतों में भारी गिरावट आई है। थोक प्याज कारोबारी संजय सानप का कहना है कि सरकार कारोबारियों को परेशान करने और डराने के लिए छापेमारी कर रही है जिसके कारण शुक्रवार को लासलगांव में कारोबारी हड़ताल पर थे। शनिवार को इस मुद्दे पर बैठक बुलाई गई है जिसमें आगे की रणनीति बनार्ई जाएगी। 
 
इस साल प्याज की कम पैदावार और कमजोर आपूर्ति के चलते मई से अगस्त के दौरान प्याज की कीमतों में 5 गुना तक इजाफा हुआ था। खुदरा बाजार में प्याज के दाम 50-60 रुपये प्रति किलो पहुंच गए थे। प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने 11,500 टन प्याज का आयात का फैसला किया था और आयात शुरू होते ही दाम गिरने लगे थे। अगस्त में प्याज की कीमतें अधिक होने की वजह आपूर्ति कम होना बताया जा रहा है लेकिन राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के आंकड़ें इस बात को झूठा साबित करते हैं। लासलगांव में अगस्त में 3,63,130 क्विंटल प्याज की आवक हुई और महीने भर का औसत दाम 1900 रुपये प्रति क्विंटल था जबकि उसके पहले जुलाई में 3,57,590 क्विंटल और जून में 3,10,645 क्विंटल प्याज की आपूर्ति हुई। 
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