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घरेलू-आयातित सोने के लिए बनेगा एक्सचेंज, देश के सभी ज्वैलरों को जोड़ने की योजना

राजेश भयानी | मुंबई Sep 28, 2017 10:22 PM IST

दुकान तक डिलिवरी का इरादा

दिसंबर तक हो सकता है समिति का गठन
डब्ल्यूजीसी की एक समिति गठित करने की योजना
इससे 12 से 18 महीने के भीतर देश का पहला स्पॉट गोल्ड एक्सचेंज तैयार करने में मदद मिलेगी
दिसंबर तिमाही में समिति के गठन की संभावना है जिससे एक्सचेंज के गठन में मदद मिलेगी

देश में सोने के कारोबार में संरचनात्मक सुधार लाने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए वर्ल्‍ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) ने एक स्पॉट गोल्ड एक्सचेंज स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि सरकार और सभी हिस्सेदारों से बातचीत कर तैयार की गई रिपोर्ट में डब्ल्यूजीसी ने यह कहा है कि एक्सचेंज न केवल महज एक ट्रेडिंग मंच होगा बल्कि यह देश में सोना कारोबार के लिए पूरा माहौल तैयार करेगा जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आभूषण निर्माताओं या बी2बी खरीदार/विक्रेताओं को सोने में कारोबार के लिए समान मौका मिले और देश के किसी भी स्थान पर जहां से वह काम कर रहे हों वहां उन्हें डिलिवरी मिल जाए। 

डब्ल्यूजीसी ने एक समिति गठित करने की योजना बनाई है ताकि 12 से 18 महीने के भीतर देश का पहला स्पॉट गोल्ड एक्सचेंज तैयार करने में मदद मिले। इसकी मंजूरी मिलने के बाद यह समय बुनियादी ढांचा तैयार करने और इसके लिए माहौल बनाने में लगेगा। सूत्रों के मुताबिक इस समिति में सभी हिस्सेदार शामिल होंगे। दिसंबर तिमाही में समिति का गठन होने की संभावना है जिससे एक्सचेंज के गठन में मदद मिलेगी। यह एक्सचेंज तैयार करने के लिए दिशानिर्देश मुहैया कराएगी। 

इस समिति की इस वजह से जरूरत है क्योंकि जब एक्सचेंज को स्थापित कर लिया जाएगा तब एक्सचेंज के शुरुआती संचालन के लिए नकदी जुटाने में  बाजार प्रतिभागी मसलन थोक सराफा कारोबारी और बड़े रिफाइनरों की सक्रिय भूमिका की जरूरत होगी। डब्ल्यूजीसी के मुताबिक बैंकों को नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) के तौर पर सोना रखने की अनुमति होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि कमोडिटी डेरिवेटिव एक्सचेंज पर लागू होने वाला कमोडिटी ट्रांजेक्शन टैक्स गोल्ड स्पॉट एक्सचेंज पर लागू नहीं होगा और सभी आयातित सोने को बढ़ावा देने के लिए स्पॉट एक्सचेंज पर सोने की बिक्री होती है। 

डब्ल्यूजीसी के अलावा नीति आयोग ने राष्ट्रीय स्वर्ण नीति पर चर्चा के लिए एक पैनल का गठन किया है। इस पैनल ने पांच उप समिति गठित की है ताकि सोने के विभिन्न पहलुओं पर गौर किया जा सके। अगले हफ्ते तक सभी उप समितियां अपनी इनपुट रिपोर्ट भेजेंगी और अधिकतम एक महीने में नीति आयोग द्वारा देश की प्रस्तावित स्वर्ण नीति पर अपनी रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद है। जिस बाजार में बड़े पैमाने पर नकदी लेन-देन होता है वहां पारदर्शिता लाने के अलावा सोने से जुड़े इस एक्सचेंज से देश में सोने की मानक कीमतों के लिए एक रास्ता तैयार होने की उम्मीद है। डब्ल्यूजीसी के भारतीय परिचालन के प्रबंध निदेशक सोमसुंदरम पी आर ने बताया, 'हम समिति गठित करने के लिए पहल करेंगे जिसमें सभी शेयरधारक होंगे।' उन्होंने डब्ल्यूसीजी रिपोर्ट भी जारी की जिसमें देश में स्पॉट गोल्ड एक्सचेंज बनाने की जरूरत पर जोर दिया गया था। वर्ष 2015 में सरकार ने एक राष्ट्रीय स्तर के गोल्ड एक्सचेंज बनाने का विचार दिया था। 

 

पिछले कुछ सालों में स्वर्ण मुद्रीकरण और सॉवरिन बॉन्ड स्कीम की वजह से एक्सचेंज बनाने के लिए कोशिशें जारी हैं ताकि देश में मौजूद सोने का इस्तेमाल किया जा सके और इसका आयात कम कर देश के व्यापार घाटे को कम किया जाए। देश में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) और नैशनल कमोडिटी ऐंड डेरिवेटिव एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स)  सोने के वायदा अनुबंध की पेशकश करता है लेकिन इस धातु के भौतिक कारोबार के लिए कोई मंच नहीं है। डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे एक्सचेंज पर आभूषण कारोबारी, खुदरा विक्रेता, रिफाइनर और बैंक नियमित कारोबार कर पाएंगे। दुनिया में सोने के सबसे बड़े उपभोक्ता देश चीन में भी ऐसा एक्सचेंज संचालित होता है जहां घरेलू और आयातित सोने को खरीदा और बेचा जाता है।
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