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केवाईसी में छूट से चहके आभूषण कारोबारी

सुशील मिश्र | मुंबई Oct 09, 2017 08:58 PM IST

सरकार ने केवाईसी नियमों में ढील देकर आभूषण विक्रेताओं को दीवाली का बेहतरीन तोहफा दे दिया है। दो-तीन दिन पहले तक उनकी दुकानों में ग्राहक नजर नहीं आ रहे थे जबकि आज ग्राहकों की भीड़ नजर आई। विक्रेता उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार दीवाली में उनकी बिक्री पिछले साल से दोगुनी होगी। शुक्रवार को सरकार ने सोने की 50,000 रुपये से अधिक की खरीद पर पैन और आधार कार्ड की अनिवार्यता वापस लेने की घोषणा की थी। शनिवार और रविवार होने की वजह से इसका असर सोमवार को दिखाई दिया। आभूषण विक्रेता अब ग्राहकों से केवाईसी की मांग करते नहीं दिखे। 
 
मुंबई ज्वैलर्स एसोसिएशन के कुमार जैन कहते हैं कि दीवाली के पहले सरकार ने सोने की 50,000 रुपये से अधिक की खरीद पर पैन और आधार की कार्ड की अनिवार्यता में जो ढील दी है उसका सीधा फायदा मिल रहा है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार सोने की कीमतें भी कम हैं। निवेश के अन्य विकल्पों की अपेक्षा सोना इस समय सबसे ज्यादा भरोसेमंद लग रहा है। इसलिए निवेशकों का झुकाव भी सोने की तरफ ज्यादा है। इसे देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार धनतेरस और दीवाली पर सराफा कारोबार करीब 25 टन का होगा। दीवाली के तुरंत बाद शादी-विवाह का सीजन भी शुरू होगा। शादियों का मुहूर्त 1 नवंबर को शुरू हो रहा है। पिछले साल विवाह मुहूर्त के दिन कम थे जबकि इस साल करीब 80 दिन हैं जिससे गहनों की मांग बनी रहने की संभावना है। सोने में निवेश करने का यह बेहतरीन समय है, अगले एक साल में सोना करीब 10 फीसदी महंगा हो सकता है। 
 
संगम ज्वैल ऐंड गोल्ड के निदेशक रमन सोलंकी कहते हैं कि सरकार के फैसले ने आभूषण बाजार में दीवाली ला दी है। इस बाजार में अभी भी ग्राहक 95 फीसदी खरीद नकद करते हैं जबकि मुश्किल से पांच फीसदी भुगतान कार्ड से होता है। ग्राहक केवाईसी देना नहीं चाहते थे। इससे बिक्री प्रभावित हुई। लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर दो लाख रुपये किये जाने से ग्राहकों की संख्या अचानक बढ़ गई है। 
 
हीरा एवं रत्न आभूषण के कारोबारी आदिश शाह कहते हैं कि सरकार ने आभूषण कारोबार को मनी लॉन्ड्रिंग कानून से बाहर कर दिया है अर्थात अब 50,000 रुपये के गहनों की खरीद पर ग्राहकों को केवाईसी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे दो लाख रुपये तक के गहने खरीद सकेंगे। ग्राहक अभी मुश्किल से 15 ग्राम वजन तक के गहने खरीद पा रहे थे जबकि सरकार के नए फैसले से 70 ग्राम तक के  खरीद सकते हैं। 
 
पिछले साल धनतेरस के समय भी अच्छी बिक्री हुई थी। कारोबारियों की मानी जाए तो पिछले साल धनतरेस और दीवाली पर गहनों की बिक्री करीब 25 फीसदी अधिक हुई थी क्योंकि मॉनसून बेहतर था। इस बार गहनों की बिक्री दोगुनी होने की उम्मीद है क्योंकि इस साल मॉनसून भी सही है और सरकार ने नियमों में ढील भी दी है। इस बार धनतेरस 17 अक्टूबर और दीवाली 19 अक्टूबर को है। पिछले साल लक्ष्मी पूजा के समय सोना 30,082 रुपये प्रति 10 ग्राम था जबकि इस समय 29,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा है।
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