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और बढ़ेगा सोने का आयात

राजेश भयानी | मुंबई Oct 09, 2017 10:43 PM IST

बन रही संभावना

पिछले एक सप्ताह से सोने के आयात में तेजी आई है। माना जा रहा है कि धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) से आभूषण कारोबार हटाए जाने के बाद सोने का आयात और बढ़ने की उम्मीद है। आभूषण कारोबार अगस्त में पीएमएलए की जद में लाया गया था, लेकिन शुक्रवार को सरकार ने इसे इस कानून के दायरे से बाहर कर दिया। सरकार ने अक्टूबर से आयात शुल्क प्रति दस ग्राम 18 डॉलर घटाकर 413 डॉलर प्रति 10 ग्राम कर दिया है, जो पहले 431 डॉलर प्रति 10 ग्राम था। इसका मतलब हुआ कि अब आयात शुल्क का भुगतान कम कीमत पर करना होगा।

त्योहारी मौसम शुरू होने के साथ ही सोने के आयात में भी तेजी आई थी। सितंबर में देश में सोना आयात 30-35 टन रहने का अनुमान है, जिनमें तस्करी से आया सोना भी शामिल है। 50,000 से अधिक मूल्य की आभूषण खरीदारी पर केवाईसी अनिवार्य किए जाने के बाद अनौपचारिक स्रोतों जैसे तस्करी के जरिये सोना आयात बढ़ गया था। अगस्त में कुल सोना आयात 70 टन रहा था। सितंबर में आयात कम हुआ, लेकिन अक्टूबर में फिर इसमें तेजी आई है।

जीएफएमएस थॉमसन रॉयटर्स के मुख्य विश्लेषक सुधीश नांबियाथ ने कहा, '50 हजार रुपये मूल्य से अधिक मूल्य के आभूषण खरीदने पर केवाईसी नियमों में ढील देने से देश में सोना आयात बढ़ सकता है।'सरकार ने कहा है कि धन शोधन रोकथाम कानून से संबंधित नियमों पर काम कर रही है और आभूषण कारोबारियों के लिए नई सीमा की अधिसूचना जारी की जाएगी। पहले खरीदारों को 2 लाख रुपये मूल्य से अधिक आभूषण खरीदने पर स्थायी खाता संख्या देनी पड़ती थी। इसे बाद में घटाकर 50,000 रुपये कर दिया गया था। पीएमएलए के संबंध में नई सीमा तय होने तक सोने की मांग में चमक बनी रहने की उम्मीद है।

मांग बढ़ी, चढ़े शेयर

आभूषण कारोबार को पीएमएलए प्रावधानों से छूट मिलने के बाद बाजार में कारोबारी संभावनाएं मजबूत हुई हैं। सोमवार को आभूषण शेयरों में 5.38 प्रतिशत तक तेजी आई। त्रिभुवनदास भीमजी जवेरी का शेयर 5.27 प्रतिशत चढ़कर 127.75 प्रतिशत के स्तर पर आ गया, वहीं गीतांजलि जेम्स और टाइटन कंपनी के शेयर भी 3.58 प्रतिशत और 3.48 प्रतिशत बढ़कर क्रमश: 72.40 रुपये और 617.75 रुपये पर बंद हुए।
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