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त्योहारी सीजन में पतली हुई दलहन

सुशील मिश्र | मुंबई Oct 11, 2017 10:04 PM IST

देश के लगभग हर हिस्से में दलहन फसलों की कीमतों में गिरावट

► चने के दाम पिछले एक महीने में 1,200 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा गिर चुके हैं
चने के दाम में अभी और गिरावट की आशंका
एनसीडीईएक्स में एक महीने में चने के दाम 1,200 रुपये से भी अधिक गिरे
पिछले एक महीने में चने के दाम में करीब 20 फीसदी, अरहर में 10 फीसदी, मूंग में 14 फीसदी और उड़द में औसतन 15 फीसदी गिरावट आई
जनवरी अनुबंध में चने के दाम गिरकर 4,960 रुपये और मार्च अनुबंध में 4,625 रुपये प्रति क्विंटल रह गए

चने में गिरावट का दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। वायदा बाजार में आज चना निचले सर्किट के फंदे में फंस गया तो हाजिर बाजार में भी कीमतें गिरकर 5,000 रुपये प्रति क्विंटल के नीचे पहुंच गईं। पिछले एक महीने में चने के दाम 1,200 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा गिर चुके हैं। त्योहारी सीजन होने के बावजूद बाजार से खरीदार नदारद हैं। अभी और गिरावट होने की आशंका जताई जा रही है। दूसरी दलहन फसलों के भाव में भी गिरावट देखने को मिल रही है। 

पिछले एक महीने में चने के दाम में करीब 20 फीसदी, अरहर में लगभग 10 फीसदी, मूंग में 14 फीसदी और उड़द में औसतन 15 फीसदी गिरावट हुई है। आज चने के दाम फिसलकर 5,000 रुपये प्रति क्विंटल के नीचे पहुंच गए। वायदा बाजार में चने के करीब सभी अनुबंधों में लोअर सर्किट लगा। एनसीडीईएक्स में एक महीने में चने के दाम 1,200 रुपये से भी अधिक गिर गए। अक्टूबर अनुबंध का चना गिरकर 5,119 रुपये प्रति क्विंटल हो गया जबकि एक महीना पहले इसकी कीमत 6,335 रुपये प्रति क्विंटल बोली जा रही थी।

जनवरी अनुबंध में चने के दाम गिरकर 4,960 रुपये और मार्च अनुबंध में 4,625 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। वायदा बाजार में आगे के अनुबंधों में हो रही भारी गिरावट यह संकेत माना जा रहा है कि कीमतों में फिलहाल गिरावट थमने वाली नहीं है। कंफर्ट कमोडिटी के अनिल अग्रवाल के मुताबिक बाजार में जो हालात हैं उसको देखते हुए चने में अभी और गिरावट देखने को मिल सकती है। चने की खरीदारी से फिलहाल दूरी बनाकर रखने में ही फायदा है।

वायदा बाजार की गिरावट का असर हाजिर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। पिछले एक महीने में मंडियों में चने के भाव में 20 फीसदी तक की गिरावट हुई है। महाराष्ट्र के अकोला में चने के भाव एक महीने में करीब 15 फीसदी गिरकर 4,725 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गए। अकोला के चना कारोबारी मनीष के मुताबिक त्योहारी सीजन में चने के भाव में सुधार की उम्मीद थी, हमारा मानना था कि इस समय चना 5,500 रुपये से 6,000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिकेगा लेकिन वायदा बाजार में गिरावट की वजह से हाजिर बाजार में भी खरीदार नदारद हैं जिसके कारण कीमतें 5,000 रुपये प्रति क्विंटल के नीचे पहुंच गईं।

चने के साथ दूसरी दलहन फसलों के दामों में भी भारी गिरावट हुई है। एक महीने में अरहर के भाव में औसतन 10 फीसदी की गिरावट हुई है। महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अरहर का भाव 3,000 रुपये प्रति क्विंटल के करीब पहुंच गया। लातूर में अरहर का भाव 4,200 रुपये से गिरकर 3,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गया जबकि गंगापुर में अरहर लुढ़कर 3,145 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई। 

महराष्ट्र में दलहन की प्रमुख मंडी लातूर और अकोला में हो रही लगातार गिरावट से किसान परेशान हैं। लातूर में मूंग का 14 फीसदी गिरकर 4,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। वही अकोला में उड़द में 12 फीसदी और बीड में 24 फीसदी से अधिक की गिरावट हुई है। अकोला में उड़द के दाम 4,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गए जबकि बीड में इसका भाव 3,300 रुपये क्विंटल बोला जा रहा है। दलहन कारोबारियों का कहना है कि सरकार की तरफ से कभी निर्यात खोलने की बात होती है तो कभी बंद करने की हो रही है, स्टॉक लिमिट को लेकर भी बदलाव की बातें हो रही हैं जिससे बाजार में असमंजस्य की स्थिति बन गई, स्टॉकिस्ट माल खरीदने से बच रहे हैं जिसके कारण दाम टूट रहे हैं, बाजार में स्टॉक पहले ही जमा हो चुका है।

दलहन फसलों की कीमतों में गिरावट देश के लगभग हर हिस्से में देखने को मिल रही है। राजस्थान के बीकानेर में चने के दाम 5,000 रुपये प्रति क्विंटल के नीचे पहुंच गए हैं। बीकानेर मंडल के चना कारोबारियों का कहना है कि मौजूदा दाम किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहे हैं लेकिन मांग कमजोर होने की वजह से कीमतें गिर रही हैं। स्टॉकिस्टों के पास पहले से ही माल पड़ा है जो अपना माल निकालने में लगे हुए हैं जिससे वे मंडी में खरीदारी से बच रहे हैं जिससे बाजार में गिरावट का माहौल बना हुआ है।

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