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अयस्क निर्यात : एनएमडीसी के साथ करार करेगी एमएमटीसी

जयजित दास | भुवनेश्वर Oct 15, 2017 10:07 PM IST

सरकार के स्वामित्व वाली एमएमटीसी ने दक्षिण कोरिया और जापान को अयस्क का निर्यात करने के लिए लौह अयस्क उत्पादक दिग्गज राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के साथ बातचीत शुरू कर दी है। एमएमटीसी हर साल 26 लाख टन लौह अयस्क की आपूर्ति के लिए एनएमडीसी के साथ पांच वर्षीय समझौता करने की संभावना तलाश रही है। मएमटीसी के एक अधिकारी ने कहा, 'हम एनएमडीसी के साथ एक समझौता पहले ही कर चुके हैं जिसमें उसके लौह अयस्क का निर्यात एनएमडीसी के माध्यम से किया जाएगा। अब हम जापान और दक्षिण कोरिया में इस्पात निर्माण उद्योगों के लिए सालाना 26 लाख टन लौह अयस्क भेजने के लिए पांच साल का लंबा समझौता करने की संभावना तलाश रहे हैं। इन दो देशों में मांग बढ़ रही है और एनएमडीसी के पास उनकी खपत के लिए उपयुक्त हाई ग्रेड वाला लौह अयस्क मौजूद है।'

 
एमएमटीसी द्वारा इस वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले एनएमडीसी के साथ नया समझौता किए जाने की संभावना है। एनएमडीसी का निर्यात अप्रैल 2018 से शुरू होने की संभावना है। वर्ष 2016-17 में एनएमडीसी का लौह अयस्क उत्पादन 19 फीसदी बढ़कर 3.4 करोड़ टन पर रहा। उसकी बिक्री 3.56 करोड़ टन रही जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 24 फीसदी तक अधिक है। वित्त वर्ष 2017 में एनएमडीसी ने 8,830 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया जो वर्ष 2015-16 के मुकाबले 37 प्रतिशत अधिक है। कंपनी की निवेश पूंजी 31 मार्च 2017 तक 22,519 करोड़ रुपये पर थी। 
 
खासकर भारतीय इस्पात उद्योगों से लौह अयस्क की बढ़ती जरूरत को पूरा करने के लिए एनएमडीसी ने वर्ष 2021-22 तक उत्पादन बढ़ाकर 6.7 करोड़ टन सालाना करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को कंपनी की मौजूदा खदानों के विस्तार और खुदाई कार्य में सुधार लाकर हासिल किया जाएगा। कंपनी छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के साथ एक संयुक्त उपक्रम के जरिये एक नई खदान विकसित करने की भी संभावना तलाश रही है। 
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