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... तब सोने के दामों में आएगी मजबूती

राजेश भयानी | मुंबई Oct 22, 2017 09:41 PM IST

विशेषज्ञों का कहना है कि संवत 2073 कमजोर रहने के बाद इस साल सोने में बेहतर प्रदर्शन की संभावना है। हालांकि, सोने की कीमतों में अस्थिरता के आसार हैं, फिर भी इसमें तेजी का रुख रहेगा। जीएफएमएस टीआर के दक्षिण एशिया के प्रमुख विश्लेषक (कीमती धातु) सुधीश नांबियथ ने कहा कि डॉलर के संबंध में सोने में तेजी का रुख है और अगली दीवाली कीमतें प्रति औंस 1,350 डॉलर पहुंचने की संभावना है।
 
भारत में सोने का बाजार परिवर्तन के दौर से गुजरता रहेगा, क्योंकि सरकार केंद्रीय बजट में सोने की एक नई व्यापक नीति की घोषणा कर सकती है। नई व्यवस्था में सोने की मांग बढऩे की संभावना है। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पिछले कुछ महीनों में भू-राजनीतिक मसलों के उभरने से दामों में उछाल के कारण सोने का प्रति औंस 1,280 डॉलर का स्तर ऊंचा है, लेकिन इसमें यही आसार नजर आ रहे हैं। सोने की कीमतों में 2018 की पहली छमाही में गिरावट की संभावना है और दूसरी छमाही में तेजी की।
 
ग्लोबल मार्केट रिसर्च, नैटिक्सिस के वरिष्ठï जिंस विश्लेषक बर्नार्ड डाहडाह ने कहा कि अमेरिका की दो वृद्धि दर (संभावित) के परिणामस्वरूप 2018 की पहली छमाही में सोने की कीमतों पर आगे और दबाव के आसार हैं। वर्ष की दूसरी छमाही से हमें कीमतों में धीमी गति से सुधार की उम्मीद करनी चाहिए जो 2019 में भी जारी रहेगी। बर्नार्ड को अमेरिकी दरों में वृद्धि खत्म होने और सोने के खान उत्पादन में और गिरावट आने की संभावना लग रही है।
 
हालांकि, भू-राजनीतिक मसले आगे कुछ समय के लिए सोने के दामों को प्रोत्साहित कर सकते हैं। नैटिक्सिस का कहना है कि अगले वर्ष में बड़ा अंतर दर्शाते हुए उच्च और निम्न स्तर क्रमश: 1,350 डॉलर और 1,120 डॉलर रहेगा। अरोड़ा रिपोर्ट के लेखक और अग्रणी वैश्विक बाजार विश्लेषक निगम अरोड़ा अगले संवत में यह कीमत दायरा 1,180 डॉलर से 1,420 डॉलर के बीच रखते हैं।
 
विश्लेषक निवेशकों को अगले कुछ महीनों के दौरान निम्न स्तर पर खरीदारी करने और दूसरी छमाही में उच्च स्तर पर बेचने का सुझाव दे रहे हैं। कुछ ऐसे कारक हैं जिनसे कीमतों के रुख पर प्रभाव पड़ेगा और अगले कुछ महीनों में इसमें स्पष्टïता आने की संभावना जताई जा रही है। पहली बात यह है कि अगले साल जनवरी में यूएस फेडरल रिजर्व प्रमुख जेनेट येलेन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनका स्थान कौन संभालेगा? दरअसल, नया प्रमुख डॉलर की मजबूती और ब्याज दर की गति निर्धारित करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अगले महीने नए अध्यक्ष की घोषणा कर सकते हैं।
 
अरोड़ा ने कहा कि सोने की कीमत डॉलर में रहती है। जब डॉलर चढ़ता है, तो सोना नीचे चला जाता है। मोटे तौर पर डॉलर फेडरल रिजर्व की नीतियों पर चलता है। अगर राष्ट्रपति ट्रंप भू-राजनीतिक संकट को रोकते हुए किसी आक्रामक मिजाज वाले व्यक्ति को नियुक्त करते हैं तो सोना नीचे आ सकता है और किसी नरम मिजाज के अध्यक्ष की नियुक्ति सोने को ऊपर ले जा सकती है।
 
दूसरा घटनाक्रम स्पेन की ओर से उभर रहा है, जहां कैटालोनिया नेता राष्ट्रीय सरकार की इच्छाओं के खिलाफ स्वतंत्रता के लिए जोर लगा रहे हैं। संभावना है कि स्पेन कैटालोनिया की स्वायत्तता कम करने के लिए पहली बार संवैधानिक शक्तियों का उपयोग करने के लिए एक विशेष बैठक आयोजित कर सकता है। दाहदाह ने कहा कि कैटालोनिया में समस्याओं से यूरोप की स्थिरता संबंधी चिंता हो सकती है और एक सुरक्षित निवेश की मांग में वृद्धि हो सकती है। ऐसे किसी माहौल में हमें 2018 में सोने के दाम औसतन 1,350 डॉलर प्रति औंस और 2019 में 1,450 डॉलर प्रति औंस पर जाते नजर आ रहे हैं।
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