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गन्ना : उचित, लाभकारी मूल्य में वृद्धि का प्रस्ताव

भाषा | नई दिल्ली Oct 29, 2017 09:51 PM IST

कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) ने अगले सत्र में गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) में 20 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि कर इसकी कीमत 275 रुपये प्रति क्विंटल करने की सिफारिश की है। एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी है। एफआरपी वह न्यूनतम मूल्य है जो चीनी मिलों को किसानों को भुगतान करना होता है। यह एफआरपी चालू माह से शुरु होने वाले वर्ष 2017-18 के सत्र के लिए 255 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
 
इस अधिकारी ने को बताया, वर्ष 2018-19 के सत्र के लिए सीएसीपी ने उत्पादन, परिवहन तथा फसल बीमा का प्रीमियम की लागत एवं अन्य खर्चों को ध्यान में रखते हुए गन्ने का एफआरपी 275 रुपये प्रति क्विंटल रखने का प्रस्ताव किया है। हाल ही में इस संबंध में एक रिपोर्ट सीएसीपी ने खाद्य मंत्रालय को सौंपी। कृषि लागत एवं मूल्य आयोग वह सांविधिक निकाय है जो सरकार को प्रमुख खाद्य उत्पादों के लिए मूल्य नीति के बारे में परामर्श देती है। सामान्य तौर पर सरकार सीएसीपी की सिफारिशों को स्वीकार कर लेती है।
 
प्रस्तावित वृद्धि का अनुकूल असर उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में भी पडऩे की संभावना है जो सामान्य तौर पर केंद्र द्वारा घोषित एफआरपी का अनुपालन नहीं करता और अपने परामर्श मूल्य को बढ़ाता है। उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्य खुद गन्ना कीमत को तय करते हैं जिसे प्रदेश परामर्श (एसएपी) कहा जाता है जो सामान्य तौर पर केंद्र के एफआरपी से अधिक होता है। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी किए गए पहले अनुमान के अनुसार चालू वर्ष में बेहतर बारिश के कारण गन्ना उत्पादन बढ़कर 33 करोड़ 76.8 लाख टन रहने का अनुमान है।
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