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कपास किसानों के लिए सरकार के हस्तक्षेप की मांग

टी ई नरसिम्हन | चेन्नई Oct 30, 2017 10:20 PM IST

इंडियन कॉटन फेडरेशन (आईसीएफ) ने प्रधानमंत्री से भारतीय कपास निगम (सीसीआई) को इस सीजन के दौरान एक करोड़ गांठ खरीदने का निर्देश देने के लिए कहा है। आईसीएफ ने कहा कि इससे साल भर कीमतों में स्थिरता रखने में मदद मिलेगी। आईसीएफ ने इस संबंध में कपड़ा उद्योग, कपास व्यापारियों और कपास उत्पादकों से भी संपर्क किया है। आईसीएफ अध्यक्ष जे तुलसीधरन ने कहा कि चालू कपास सीजन अक्टूबर, 2017 में शुरू हो गया है और फरवरी 2018 तक सर्वाधिक आवक की उम्मीद है। इस अवधि के दौरान करीब 70 प्रतिशत कपास बाजार में लाई जाती है जिसका अनुमानित मूल्य करीब 5,300 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि इस साल भारत में चार करोड़ गांठ की रिकॉर्ड फसल होगी और मिलों का उपभोग लगभग 3-3.10 करोड़ गांठ रहेगा।
 
तुलसीधरन ने कहा कि किसानों के लाभ और कीमतों में स्थिरता लाने के लिए सीसीआई को दामों के नियंत्रक की तरह काम करने और सीजन के शीर्ष पर पहुंचने के दौरान करीब एक करोड़ गांठ खरीदने की सलाह दी जानी चाहिए तथा गैर सीजन वाले समय में मिलों के उपभोग के लिए इसे उपलब्ध कराया जाना चाहिए। आईसीएफ ने प्रधानमंत्री से कहा है कि वे कताई मिलों को नौ महीनों की जरूरत की कपास खरीद के लिए वाणिज्य बैंकों को सात प्रतिशत ब्याज पर और नाबार्ड कृषि वित्त के तहत 15 प्रतिशत के मार्जिन पर वित्त उपलब्ध कराने का सुझाव दें। इससे कपड़ा उद्योग की प्रतिस्पर्धा क्षमता, स्थिरता और विकास को और बढ़ावा मिलेगा। उनके अनुसार, पिछले साल जिनिंग फैक्ट्रियों ने नुकसान उठाया और नकदी के संकट का सामना किया है। इसी तरह, कताई उद्योग भी नकदी के गंभीर मसलों से जूझ रहा है।
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