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समुद्री उत्पादों की जांच के लिए यूरोपीय प्रतिनिधि इसी माह आएंगे

निर्माल्य बेहड़ा | भुवनेश्वर Nov 07, 2017 09:05 PM IST

यूरोपीय संघ का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधि मंडल भारत में मत्स्य उत्पादों की गुणवत्ता की जांच के लिए 21 से 28 नवंबर तक की यात्रा पर यहां आ रहा है। वह यहां विभिन्न बंदरगाहों और प्रसंस्करण इकाइयों का दौरा करेगा। इसे लेकर अटकलें तेज हैं कि यूरोपीय संघ भारतीय खेपों में ऐंटीबायोटिक की मौजूदगी की वजह से प्रतिबंध लगा सकता है। यूरोपीय संघ समुद्री खाद्य उत्पादों की खरीदारी के संदर्भ में भारत के लिए तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। देश के 5.7 अरब डॉलर मूल्य के समुद्री खाद्य निर्यात में यूरोपीय संघ का लगभग 18 फीसदी का योगदान है।

 
व्यापार सूत्रों का कहना है कि यूरोपीय संघ की दो या तीन सदस्यीय टीम सबसे पहले ओडिशा और फिर अन्य राज्यों की यात्रा कर सकती है। एक भारतीय निर्यात एजेंसी ने इसकी पुष्टिï की है कि यूरोपीय संघ की टीम आएगी, पर इसके बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया। यूरोपीय संघ भारतीय झींगे में लगातार ऐंटीबायोटिक पाए जाने की खबरों को लेकर बेहद चिंतित है और इस संबंध में भारतीय अधिकारियों द्वारा दिए गए जवाब से असंतुष्टï है। यही वजह है कि वे भारतीय समुद्री खाद्य उत्पादों पर प्रतिबंध लगा सकता है। 
 
पिछले साल यूरोपीय संघ ने भारत से भेजे मत्स्य उत्पादों के लिए अपने निरीक्षण मानकों को सख्त बनाया था। इससे पहले मानकों के तहत खेप के कम से कम 10 प्रतिशत हिस्से से नमूने की जांच की जाती थी, जिसे बढ़ाकर 2016 में 50 प्रतिशत कर दिया गया। कुछ निर्यातक प्रतिबंध को लेकर आशंकित बने हुए हैं। ब्रिटेन के समुद्री खाद्य उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाली सीफिश में नियामकीय मामलों के सलाहकार ईवान बरटोलो ने प्रतिनिधि मंडल की भारत यात्रा पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, 'मुझे उम्मीद है कि निरीक्षक पशु चिकित्सा पर भारतीय व्यवस्था की सक्षमता की जांच करेंगे। 
 
आधिकारिक तौर पर यह निरीक्षण शायद सक्षम अधिकारियों और अन्य अधिकृत इकाइयों के प्रदर्शन के आकलन के लिए वर्ष 2014 की जांच के समान ही होगा जिसमें यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या संबद्घ अधिकारी खाद्य उत्पादों में दूषित तत्त्वों के नियंत्रण की प्रक्रिया में सक्षम हैं और इसका पुख्ता आश्वासन देते हैं कि ये उत्पाद यूरोपीय संघ भेजे जाने के लिहाज से उपयुक्त हैं और इनमें किसी तरह के कीटनाशक और अन्य दूषित तत्त्व शामिल नहीं हैं।' 
 
भारतीय समुद्री खाद्य निर्यातक संघ के एक अधिकारी ने कहा, 'यह अच्छी बात है कि यूरोपीय संघ की टीम भारत आ रही है। अपनी भारत यात्रा के बाद वे हमारे द्वारा निर्यात किए जाने वाले उत्पादों की अच्छी गुणवत्ता से वाकिफ हो सकेंगें और इससे निर्यातकों को अपनी गुणवत्ता में अंतरराष्टï्रीय मानकों के अनुरूप बदलाव लाने में भी मदद मिलेगी।' 
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