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चौथी तिमाही में सोना आयात सुस्त

रॉयटर्स | मुंबई Nov 08, 2017 09:52 PM IST

वर्ष 2017 की अंतिम तिमाही में देश के सोना आयात में एक साल पहले की तुलना में एक-चौथाई तक की कमी आ सकती है। उद्योग के अधिकारियों और विश्लेषकों का कहना है कि इसकी वजह प्रमुख त्योहारी सीजन के दौरान कम मांग होने और निवेशकों द्वारा इक्विटी जैसी जोखिम वाली परिसंपत्तियों से बेहतर रिटर्न की संभावनाएं तलाशना रही।  चीन के बाद दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उपभोक्ता देश भारत द्वारा सोने की कम खरीद से वैश्विक कीमतों पर असर पड़ सकता है जो पहले से ही इस साल के उच्चतम स्तर से करीब 6 फीसदी तक कम हो चुकी है। थॉमसन रॉयटर्स के एक विभाग जीएफएमएस के एक वरिष्ठ विश्लेषक सुधीश नांबियाथ ने आज कहा, 'पिछले साल के मुकाबले अक्टूबर में आयात कम हो सकता है और नवंबर तथा दिसंबर में भी पिछले साल के मुकाबले कम आयात की संभावना है।' नांबियाथ ने कहा कि एक साल पहले के 234 टन के मुकाबले देश का आयात अक्टूबर-दिसंबर में कम होकर करीब 175 टन रह सकता है। 
 
जीएफएमएस के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017 के पहले नौ महीने के दौरान देश का सोना आयात 131 फीसदी बढ़कर 638.4 टन हो गया क्योंकि जौहरियों ने 1 जुलाई से प्रभावी होने वाली बिक्री कर बढ़ोतरी से पहले साल की पहली छमाही में भी अग्रिम खरीदारी कर ली। आमतौर पर अंतिम तिमाही में सोने की मांग बढ़ती है क्योंकि भारतीय लोग शादी और दीवाली तथा दशहरा जैसे त्योहारों के दौरान जमकर खरीदारी करते हैं जब सोना खरीदना शुभ माना जाता है। चेन्नई में थोक विक्रेता एमएनजी बुलियन के निदेशक दमन प्रकाश राठौर का कहना है कि दीवाली के दौरान सोने की मांग सामान्य से थोड़ी कम थी। जीएफएमएस के तात्कालिक आंकड़े यह दर्शाते हैं कि एक साल पहले के मुकाबले पिछले एक महीने में सोना आयात में 10 फीसदी की गिरावट आई और यह 75 टन हो गया। 
 
एक बड़े सराफा आयातक येस बैंक के समूह कार्यकारी उपाध्यक्ष जयंत पवनिया कहते हैं, 'आने वाले महीने में आयात में कोई बड़ी उछाल दिखने की संभावना नहीं दिखती। कुल मांग कम हुई है। लोग वित्तीय परिसंपत्तियों में ज्यादा पैसे लगा रहे हैं। निवेश की मांग बेहद कम है।' पवनिया को उम्मीद है कि मौजूदा तिमाही में सोना आयात करीब 175 टन तक रह सकता है। इस साल भारतीय शेयरों में 26 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है जिसने इस महीने की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई के स्तर को छू लिया है और इसने खुदरा निवेशकों को आकर्षित किया है। वैश्विक सोने की कीमतों में 11 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। सिंगापुर में गोल्डसिल्वर सेंट्रल के प्रबंध निदेशक ब्रायन लैन ने कहा कि भारत के कम आयात से सोने की कीमत पर असर पड़ सकता है। लैन ने कहा, 'इन आंकड़ों के कम होने से सोने की कीमतों को कम समर्थन मिलेगा। हमें यह उम्मीद नहीं है कि यह गिरावट इतनी बड़ी हो सकती है। हम भारतीय बाजारों से कुछ समर्थन की उम्मीद करते हैं।'
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