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घरेलू कमी से बढ़ सकता है उत्तरी अमेरिका से कोयला आयात

रॉयटर्स | नई दिल्ली Nov 22, 2017 09:59 PM IST

उत्तरी अमेरिका से भारत का कोयला आयात बढऩे की संभावना है। व्यापारियों और सीमेंट कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि घरेलू ईंधन की कमी और पेट्रोलियम कोक पर प्रतिबंध के बीच खरीदार खरीद को बढ़ावा देना चाह रहे हैं। थॉमसन रॉयटर्स के आयात-निर्यात के आंकड़े बताते हैं कि उत्तरी अमेरिका से भारत का कोयला आयात अक्टूबर में तीन गुना बढ़कर 21 लाख टन हो गया है। अन्य व्यापारिक सूत्रों ने यह आंकड़ा इससे कम 14.7 लाख टन रखा है। उन्होंने कहा कि 1-20 नवंबर का कोयला आयात 11.4 लाख टन पहुंच गया है।
 
थॉमसन रॉयटर्स के आंकड़े बताते हैं कि कनाडा से आपूर्ति सहित उत्तरी अमेरिका से भारत का कोयला आयात 1 नवंबर से 20 नवंबर तक करीब 15 लाख टन रहा है जो पिछले महीने की खरीद की तुलना में 70 प्रतिशत से भी अधिक है। कोयले से खराब लेकिन जलाने में उससे बेहतर विकल्प पेट्रोलियम कोक के उपयोग पर प्रतिबंध से इस बात की उम्मीद बढ़ रही है कि आने वाले महीनों में भारत अमेरिका से और भी अधिक कोयला खरीदेगा।
 
भारी धुंध से जूझ रही देश की राजधानी नई दिल्ली के आसपास के कुछ राज्यों में पेटकोक पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। लेकिन अन्य भारतीय शहरों में बढ़ते प्रदूषण के कारण पेटकोक के उपयोग और आयात पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध जैसी कठोर पाबंदियां लगाई जा सकती हैं। देश में दूसरे राज्यों से पर्यावरणविदों के अनुरोध पर खराब ईंधन के उपयोग और आयात पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा सका है।
 
भारत की तीन बड़ी कंपनियों में से एक के वरिष्ठï कार्यकारी ने रॉयटर्स को बताया कि हरेक सीमेंट कंपनी पेट्रोलियम कोक का विकल्प तलाश रही है और ये सभी अमेरिकी कोयले के लिए हाथ-पांव मार रही हैं। इस कार्यकारी ने अपने एक ग्राहक को 70,000 टन अमेरिकी कोयला बेचा था, जिसमें से उस ग्राहक ने 30,000 टन के लिए भुगतान किया। लेकिन यह समझकर कि उनकी अपनी कंपनी को इसकी जरूरत हो सकती है, बाद में उन्होंने 40,000 टन वापस ले लिया, जिसका अभी तक भुगतान नहीं किया गया था।
 
व्यापार के आंकड़ों के अनुसार, भारत की 2.7 करोड़ टन की सालाना पेटकॉक की मांग में सीमेंट कंपनियों का तकरीबन 75 प्रतिशत हिस्सा रहता है और चूना विनिर्माण जैसे छोटे कारोबार भी अमेरिकी कोयले के इस्तेमाल पर विचार कर रहे हैं जो लगभग पेटकोक की तरह ही कारगर होता है। ऑनलाइन मार्केटप्लेस कोलशास्त्र के संस्थापक पुनीत गुप्ता ने कहा कि उनके इस मार्केटप्लेस पर 6,900 किलोकैलोरी / किलोग्राम अमेरिकी कोयले के दाम अब 8,200-8,300 रुपये प्रति टन हो गए हैं जो दो हफ्ते पहले 7,100-7,200 रुपये थे। पेटकोक प्रतिबंध से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारत की कोयला आयात में कटौती की योजना हतोत्साहित हो सकती है जो कुछ सालों में गिरावट के बाद पिछले दो महीनों में पहली बार बढ़ा है।
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