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खाद्य तेल का आयात 6.23 प्रतिशत बढ़ा

भाषा | नई दिल्ली Dec 14, 2017 09:01 PM IST

तेल उद्योगों के प्रमुख संगठन सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने आज कहा कि भारत के खाद्य तेल का आयात इस वर्ष नवंबर में 6.23 प्रतिशत बढ़कर 12.48 लाख टन हो गया। इस वृद्धि का कारण कच्चे सूरजमुखी और सोयाबीन तेल के आयात में वृद्धि होना था। पिछले वर्ष की समान अवधि में वनस्पति तेल का आयात 11.75 लाख टन का हुआ था। तेल के कुल आयात में पाम तेल की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से भी अधिक है। पिछले महीने घरेलू उत्पादकों को संरक्षित करने के लिए सरकार ने सभी खाद्य तेलों पर आयात शुल्क को बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। एसईए के आंकड़े दर्शाते हैं कि खाद्य तेलों में कच्चे तेल का आयात नवंबर 2017 में बढ़कर 5,59,584 टन हो गया जो पूर्व वर्ष की समान अवधि में 5,57,364 टन का हुआ था। 

सोयाबीन तेल का आयात पर्याप्त रूप से बढ़कर 2,73,928 टन हो गया जो पूर्व वर्ष की समान अवधि में 1,64,286 टन का हुआ था जबकि सूरजमुखी तेल का आयात बढ़कर 1,93,810 टन हो गया जो पहले 1,58,071 टन का हुआ था। इसी प्रकार आरबीडी पामोलीन तेल का आयात इस वर्ष नवंबर में कम यानी 1,47,362 टन ही रहा जो पूर्व वर्ष की समान अवधि में 2,40,948 टन का हुआ था। समीक्षाधीन अवधि में कैनोला तेल का आयात बढ़कर 40,609 टन हो गया जो पूर्व वर्ष की समान अवधि में 32,195 टन का हुआ था। अखाद्य तेलों के मामले में इन तेलों का आयात नवंबर 2017 में 23,495 टन का हुआ जो पूर्व वर्ष की समान अवधि में 19,601 टन का हुआ था। खाद्य तेलों के आयात शुल्क में वृद्धि के बारे में एसईए ने कहा कि इस घोषणा के कारण बाजार की धारणा में बदलाव आया है और बाजार में तेजी आई है। अब सोयाबीन और मूंगफली की कीमत बढ़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य को छू चुकी है जो आयात शुल्क में वृद्धि होने के पहले एमएसपी से काफी कम था। 
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