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पाइपलाइन से आएगा आयातित खाद्य तेल

राजेश भयानी | मुंबई Dec 17, 2017 09:42 PM IST

भारत में कारगिल के खाद्य व्यवसाय ने आयात स्थल यानी बंदरगाह से प्रसंस्करण संयंत्र तक लाने के लिए कच्चे खाद्य तेल की ढुलाई का एक नेटवर्क स्थापित किया है। परियोजना के एक भाग के रूप में कंपनी बंदरगाह से रेल तक और फिर रेल से संयंत्र तक आयातित अपरिष्कृत तेल की ढुलाई के लिए पाइप लाइन बिछाने की योजना बना रही है। हालांकि, पाइपलाइन दूसरे चरण में बिछाई जाएगी लेकिन खाद्य तेल की ढुलाई के लिए यह अपनी तरह की पहली ऐसी परियोजना होगी।
 
यह परियोजना बंदरगाह पर जहाज से डिलिवरी लेकर संयंत्र तक पहुंचाने वाले 'बंदरगाह से संयंत्र तक' नेटवर्क  के नवीन प्रारूप पर आधारित है। परियोजना के पहले चरण में आयातित सूरजमुखी के तेल की रेल के जरिये जवाहरलाल नेहरू  (जेएनपीटी) बंदरगाह से  अंतर्देशीय टैंक तक की ढुलाई शामिल है, जो महाराष्ट्र के दौंड जिले के कुर्कुम्भ गांव में अपने प्रसंस्करण केंद्र के निकट स्थापित है।
 
कुर्ककुंभ में कंपनी का यह खाद्य तेल संयंत्र सालाना 2,00,000 टन कच्चे खाद्य तेल आयात करता है और इसकी जेएनपीटी से 200 किलोमीटर दूर स्थित संयंत्र तक ढुलाई की जाती है। यह कवायद मल्टीमॉडल रूपरेखा  पर आधारित है। इसमें लंबी ढुलाई (बंदरगाह से दौंड तक) इसकी खास रेल सेवा के जरिये होती है, जबकि छोटी ढुलाई (दौंड से संयंत्र तक एक तरफा 15 किलोमीटर) टैंकरों द्वारा सड़क मार्ग से। भारत में कारगिल के खाद्य व्यवसाय के प्रबंध निदेशक देवकी मुछल ने कहा कि पहले चरण में रेल के जरिये तेल की ढुलाई शुरू हो गई है, जबकि पाइप लाइन के माध्यम से अंतिम भाग को जोडऩे का काम अगले चरण में शुरू होगा।
 
इस परियोजना की स्थापना और प्रबंधन स्टोल्ट रेल लॉजिस्टिक्स द्वारा किया जा रहा है। पहले जिस कच्चे खाद्य तेल को सड़क द्वारा टैंकरों से लाया जा रहा था, उसमें एक महीने में एक स्थान से दूसरे स्थान पर आने-जाने में 400 किलोमीटर के 800 चक्कर लगाने पड़ते थे। इस परियोजना के पहले ही चरण में यह दूरी सिमटकर 30 किलोमीटर पर आ गई है। सड़क पर कम कार्बन उत्सर्जन होने की वजह से कार्बन फुटप्रिंट में भारी कमी आई है। साथ ही, कारगिल के एक बार में ही भारी मात्रा की ढुलाई में सक्षम होने से बड़ी मात्रा में आपूर्ति का अनुमान जताया जा रहा है।
 
यह परियोजना आयातित अपरिष्कृत सूरजमुखी तेल की ढुलाई के लिए है। भारत में कारगिल का खाद्य कारोबार इसका विक्रय प्रमुख रूप से जैमिनी ब्रांड के तहत करता है। देवकी ने यह भी कहा कि इस परियोजना को लागू करने के पीछे पर्यावरण सुरक्षा के प्रति कारगिल की दूरदृष्टि का विचार है। यह देखते हुए कि आपूर्ति श्रृंखला में सबसे महत्त्वपूर्ण तत्व परिवहन है, इस उद्योग में हमारी एकमात्र ऐसी कंपनी है जो कच्चे तेल की ढुलाई डीजल से चलने वाले ट्रकों से नहीं, बल्कि ट्रेन से करती है।
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