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सोने का आयात 2017 में 67 फीसदी बढ़ा

रॉयटर्स | मुंबई Jan 02, 2018 10:08 PM IST

देश में सोने का आयात 2017 में उससे पिछले वर्ष के मुकाबले 67 फीसदी बढ़कर 855 टन रहा। इसकी वजह यह थी कि सराफों ने खुदरा मांग में बढ़ोतरी के चलते इस पीली धातु का फिर से स्टॉक किया। ये आंकड़े जीएफएमएस ने जारी किए हैं।  भारत में सोने की खरीदारी बढऩे से वैश्विक कीमतों को सहारा मिल सकता है, जो चीन के बाद सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। इस समय देश में सोने की कीमतें पिछले तीन महीनों में सबसे अधिक हैं। पिछले साल सोने के हाजिर दाम 13 फीसदी से अधिक बढ़े हैं। यह सोने का 2010 से सबसे बेहतर सालाना प्रर्दशन है। थॉमसन रॉयटर्स की एक इकाई जीएफएमएस के वरिष्ठ विश्लेषक सुधीश नांबियथ ने कहा, 'वर्ष 2016 की अंतिम तिमाही में नोटबंदी के बाद सराफों ने 2017 की पहली छमाही में फिर से सोने का स्टॉक किया।' 
 
नोटबंदी से नकदी की किल्लत पैदा हो गई थी, जिससे 2016 की अंतिम तिमाही में सोने की खरीदारी कम हुई। वर्ष 2017 में फिर से नकदी की उपलब्धता के बाद सराफों और डीलरों ने सोने का फिर से स्टॉक शुरू किया। मुंबई में निजी बैंक के डीलर ने कहा कि वर्ष 2017 में मॉनसून की अच्छी बारिश से किसानों की आमदनी और ग्रामीण इलाकों की खुदरा मांग में सुधार हुआ। देश में सोने की कुल मांग में दो-तिहाई हिस्सा ग्रामीण मांग का होता है।  अमेरिकी फेडरल रिजïर्व के ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने की संभावनाओं के कारण दिसंबर के मध्य में सोने की वैश्विक कीमतें पांच महीनों के सबसे निचले स्तर तक गिर गई थीं। मुंबई में निजी बैंक से जुड़े एक सराफा डीलर ने कहा, 'कीमतों में इस गिरावट से ट्रेडिंग हाउसों और बैंकों को पिछले महीने आयात बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिला।' जीएफएमएस के आंकड़ों से पता चलता है कि देश की विदेश से सोने की खरीद दिसंबर में 70 टन रही, जो 2016 के इसी महीने के मुकाबले 40 फीसदी अधिक है। 
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