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नए साल में महंगी सब्जियों से राहत

सुशील मिश्र | मुंबई Jan 04, 2018 10:57 PM IST

दिल्ली-मुंबई में सस्ती हुईं सब्जियां

मुंबई में दो सप्ताह में टमाटर भी 60 फीसदी से अधिक सस्ता हो गया है
मुंबई के थोक बाजार में 3,000 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाले टमाटर के दाम गिरकर 900 रुपये प्रति क्विंटल हो गए
आलू की औसत कीमत गिरकर 875 रुपये प्रति क्विंटल हो गई जो 15 दिन पहले 1,000 रुपये क्विंटल थी
हालांकि उत्तर भारत में पड़ रही कड़ाके की ठंड एक बार फिर कीमतों में गरमी ला सकती है

सब्जियों की महंगाई से परेशान आम लोगों को नए साल में कुछ राहत मिलने लगी है। आलू, टमाटर और प्याज के दाम कम होने लगे हैं। हालांकि उत्तर भारत में पड़ रही कड़ाके की ठंड एक बार कीमतों में फिर गरमी ला सकती है। मंडियों में नए आलू की आवक से इसकी कीमतें जमीन पर आ गई हैं। महज दो सप्ताह में टमाटर भी 60 फीसदी से अधिक सस्ता हो गया है। प्याज के दाम भी धीरे धीरे कम हो रहे हैं। हालांकि थोक मंडियों के मुकाबले खुदरा बाजार में कीमतों में गिरावट कम हुई है। 

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल देश में आलू-टमाटर की पैदावार पिछले साल के मुकाबले अधिक रहने की संभावना है। नए साल में टमाटर के दाम में गिरावट किसी तोहफे से कम नहीं है। राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के मुताबिक पिछले महीने मुंबई के थोक बाजार में 3,000 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाले टमाटर के दाम गिरकर 900 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। अर्थात थोक बाजार में टमाटर 70 प्रतिशत सस्ता हुआ है। मंडियों में नए आलू की आवक शुरू होते ही कीमतें गिरने लगी हैं। मुंबई थोक मंडी में आलू की औसत कीमत गिरकर 875 रुपये प्रति क्विंटल हो गई जबकि 15 दिन पहले इसकी औसत कीमत 1,000 रुपये क्विंटल थी। दिल्ली में आलू के दाम गिरकर 500 रुपये क्विंटल पहुंच गए। वहीं आगरा में इसके दाम करीब 300 रुपये हैं। पिछले महीने प्याज का औसत भाव 4,000 रुपये क्विंटल था जो अब गिरकर 3,300 रुपये क्विंटल पहुंच गया है। 

थोक बाजार में आलू, प्याज और टमाटर के दामों में जितनी गिरावट हुई है उतनी गिरावट खुदरा बाजार में देखने को नहीं मिल रही है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मुंबई में आलू 20 रुपये, प्याज 50 रुपये और टमाटर 24 रुपये किलो बिक रहा है। वहीं दिल्ली में आलू 16 रुपये, प्याज 50 और टमाटर 30 रुपये किलो तक बिक रहा जो पिछले महीने क्रमश: 21 रुपये, 60 रुपये और 62 रुपये किलो मिल रहा था।

सरकारी आंकड़ों से स्पष्ट है कि थोक बाजार में टमाटर 70 फीसदी तक सस्ता हुआ, जबकि खुदरा बाजार में 52 फीसदी से भी कम सस्ता हुआ है। पिछले एक महीने में मुंबई केखुदरा बाजार में आलू के दाम में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है जबकि थोक बाजार में आलू 25 फीसदी से ज्यादा सस्ता हुआ है। मुंबई के थोक बाजार में प्याज के दाम करीब 18 फीसदी गिरे जबकि खुदरा बाजार में महज चार फीसदी सस्ती हुई है। दिल्ली में प्याज करीब 17 प्रतिशत सस्ती दिख रही है। 

आलू, प्याज और टमाटर सस्ते होने की वजह नई फसल की आवक को बताया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल आलू की पैदावार ज्यादा होने वाली है। इस साल इसका उत्पादन 4.90 करोड़ टन के पार जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। टमाटर की पैदावर इस साल करीब आठ फीसदी बढ़कर 2.25 करोड़ टन होने का अनुमान है। हालांकि प्याज की पैदावार में पिछले साल के मुकाबले कमी आने की आशंका जताई जा रही है। इस साल प्याज की पैदावार में करीब पांच फीसदी की कमी आ सकती है। शायद यही वजह है कि आलू और टमाटर के मुकाबले प्याज की कीमतों में गिरावट कम हुई है। 

आलू और टमाटर के दाम कम होने से आम आदमी राहत की सांस ले रहा है लेकिन इस पर मौसम की मार पडऩे की आशंका गहराती जा रही है। कारोबारियों के मुताबिक कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत एक बार फिर मिल रहे हैं। उत्तर भारत में कोहरे और शीतलहर के कारण आलू और टमाटर की आवक प्रभावित हो रही है। कोहरे और कड़ाके की ठंड से फसलों को नुकसान होने की आशंका गहरा गई है जिसका असर बाजार पर पड़ सकता है। 

कानपुर मंडी में सब्जी कारोबारी विनोद गुप्ता के मुताबिक बड़े शहरों में आलू और टमाटर के दाम भले ही अधिक हों लेकिन किसानों को इस समय उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। कड़ाके की ठंड से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है जिसका असर सब्जियों पर भी पड़ रहा है। मकर संक्रांति तक मौसम ऐसे ही रहा तो सब्जियों के दाम बढ़ सकते हैं। कोहरे के चलते आलू और टमाटर महंगे हो सकते हैं। वाशी सब्जी मंडी के कारोबारियों की मानी जाए तो फिलहाल आवक सामान्य है लेकिन राज्य में दलित आंदोलन के कारण आवक प्रभावित हो सकती है जिसका असर कीमतों पर पड़ेगा।
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