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हीरा वायदा में चमका आइसीईएक्स

दिलीप कुमार झा | मुंबई Jan 10, 2018 10:14 PM IST

रिलायंस कैपिटल प्रवर्तित इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज (आईसीईएक्स) पर हीरा वायदा कारोबार में खुदरा निवेशकों ने शानदार उत्साह दिखाया है।  आईसीईएक्स पर 10,000 से अधिक कारोबारी हैं और अब ओपन इंटरेस्ट में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। यहां रोजाना औसतन ओपन इंटरेस्ट 5 जनवरी को समाप्त हुए चौथी डिलिवरी साइकल में दोगुना होकर 54705.57 लॉट (एक लॉट एक सेंट का) हो गए।  दिसंबर में अनुबंध की समाप्ति के समय यह आंकड़ा 23711.68 था। इससे पता चला है कि खुदरा निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो में हीरे को तरजीह देना शुरू कर दिया है। ऊंची कीमतों के कारण खुदरा निवेशक अब तक हीरे की खरीदारी से दूर रहे थे। वैसे तो इसकी कीमत गुणवत्ता के आधार पर अलग-अलग होती है, लेकिन आम तौर पर लोकप्रिय हीरे की कीमत 300,000 रुपये है, जो हाजिर बाजार में खरीदारी के पहले भुगतान करना होता है। हालांकि आईसीईएक्स ने 1 सेंट अनुबंध शुरू किया है, जिसकी मात्रा बाद में बढ़कर 100 सेंट (कैरट) हो जाती है। 
 
इस तरह, आईसीईएक्स निवेशकों को 3,000 रुपये के गुणक में निवेश पर एक कैरट सोना हासिल करने में मदद करता है।  आईसीईएक्स में प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी संजित प्रसाद कहते हैं,'भारतीय उद्योग को लंबे समय से एक ऐसे मंच की तलाश थी, जो इस उद्योग को जोखिम से सुरक्षा पाने में मदद करने के साथ खरीदार और बिकवाल दोनों को पर्याप्त सुविधाएं देता। मुझे इस बात की खुशी है कि आईसीईएक्स हमारे हीरा उद्योग के लिए पारदर्शी और तरल बाजार सृजित करने में सफल रहा है। काफी कम अवधि में एक्सचेंज पर अधिक संख्या में ओपन इंटरेस्ट बने हैं और यहां बड़ी संख्या में कारोबारी भी आए हैं।'
 
दिलचस्प बात है कि तीसरी डिलिवरी साइकल में 130 छोटे निवेशक 1.13 करोड़ रुपये मूल्य के 36.07 कैरट हीरे की डिलिवरी लेते दिखे। अनुबंधों की शुरुआत के बाद अब तक 227.31 करोड़ रुपये मूल्य के कुल 7124.46 कैरट के हीरा अनुबंधों का कारोबार हुआ है। कुल कारोबार में 0.51 प्रतिशत मात्रा की डिलिवरी हुई है। सूरत की कंपनी बाबा सीताराम एक्सपोट्र्स के निदेशक किरीट काकलोटकर ने कहा, 'हमने तीसरी डिलिवरी साइकिल में 50-50 सेंट के 6 से 7 हीरे की डिलिवरी की और पूरी प्रक्रिया सहज रही। कीमतों में पारदर्शिता, ग्रेडिंग की सुविधा आदि से इस कारोबारी मंच को खासा लाभ मिला है। अगर हीरे को लेकर थोड़े और अधिक विकल्प होते तो एक्सचेंज पर हम अधिक कारोबार करते। हीरा क्षेत्र में खरीदार की तलाश करना उतना आसान भी नहीं है।' काकलोटकर की कंपनी पिछले दस साल से आयात-निर्यात कारोबार में है।
 
जब आईसीईएक्स ने 28 अगस्त 2017 को हीरा वायदा अनुबंध कारोबार शुरू किया था तो यह विश्व का पहला डायमंड डेरिवेटिव एक्सचेंज बन गया था। तब से एक्सचेंज में कारोबरियों की भागीदारी, कारोबार की मात्रा और ओपन इंटरेस्ट में धीरे-धीरे इजाफा हो रहा है। हीरा कारोबारी चिंतन धामेलिया ने कहा कि आईसीईएक्स ने हमारे जैसे कारोबारियों को वास्तविक खरीदार तक सीधे पहुंचने में मदद की है। धामेलिया ने कहा, 'हम खरीदार के लिए अब इंतजार नहीं करना पड़ता है। हम अपनी मन माफिक कीमतों पर हीरा बेच पा रहे हैं। इसका सबसे अधिक लाभ छोटे निवेशकों को हो रहा है। हीरा अब मध्यम वर्ग के लोगों के लिए भी एक निवेश का विकल्प बन सकता है, क्योंकि अब उन्हें एक्सचेंज द्वारा तय कीमत मिलेगी।' काकलोटकर की तरह धामेलिया भी विभिन्न प्रकार के हीरों के साथ अधिक अनुबंध विकल्प चाहते हैं ताकि वे अपने हीरे एक्सचेंज पर सूचीबद्ध करा सकें। 
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