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डिलिवरी केंद्रों से मिलेगी चुनौती

दिलीप कुमार झा | मुंबई Jan 14, 2018 09:57 PM IST

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने जिंस वायदा की तैयारी की घोषणा की है लेकिन इस बीच ब्रोकरों ने अपनी पसंद के केंद्र पर सराफा की डिलिवरी को लेकर चिंता जताई है। मौजूदा कमोडिटी एक्सचेंज ने सभी डिलिवरी वाले जिंसों के डिलिवरी केंद्रों की पहचान की है। चुनिंदा केंद्रों पर उपलब्ध न हो पाने पर वे जिंसों की डिलिवरी की पेशकश एक ऐसे केंद्र पर कर सकते हैं जो कारोबारियों द्वारा चुने गए केंद्रों से अलग हो सकता है।  परिवहन, प्रीमियम, छूट, मूल्य और दूसरी लागत इस बदलाव वाले डिलिवरी केंद्र में शामिल होगी जिसे विक्रेता को भुगतान की जाने वाली वास्तविक कीमत में शामिल करना होगा। हालांकि बीएसई ट्रेडर चाहते हैं कि एक्सचेंज उनकी पसंद के केंद्र पर बुलियन की डिलिवरी की पेशकश करे। 
 
यह समस्या विभिन्न जिंसों और एक्सचेंज में बरकरार है लेकिन ब्रोकरों का कहना है कि बीएसई अगर सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए जिंस कारोबार को शुरू कर रहा है तो ऐसे में उन्हें नए सिरे से इस मसले पर देखने की जरूरत होगी।  देश में मान्यता प्राप्त इक्विटी और कमोडिटी एक्सचेंज के एक सदस्य ज्वॉइंड्रे कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड के एक अध्यक्ष एपी शुक्ला कहते हैं, 'हम पहले कमोडिटी एक्सचेंज पर महंगी धातुओं का कारोबार करते थे। एक्सचेंज ने सुदूर केंद्रों से हमें सोना की डिलिवरी करने की पेशकश की। उस केंद्र से सोना ले जाना मुश्किल था लेकिन हमने यह मानते हुए डिलिवरी को स्वीकार किया कि अब ऐसा कुछ दोबारा नहीं होगा। लेकिन इसके बाद भी समान केंद्र से हमें सोने की डिलिवरी की गई। उसके बाद से हमने कमोडिटी एक्सचेंज पर कारोबार करना बंद कर दिया। बीएसई को डिलिवरी की समस्या को दुरुस्त करना होगा जिसका सामना कारोबारियों ने कमोडिटी एक्सचेंज पर किया है।'
 
कई ब्रोकर जो हाल में बीएसई के सेमिनार में शामिल हुए उन्होंने डिलिवरी योग्य जिंसों में कारोबार को लेकर आशंका जताई जिसमें सोना भी शामिल है।  बाजार नियामक संस्था, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सार्वभौमिक एक्सचेंज (इक्विटी एक्सचेंज को जिंस वायदा और इसके उल्टे क्रम में) की मंजूरी दी है, ऐसे में बीएसई ने पिछले हफ्ते जिंस डेरिवेटिव अनुबंध की शुरुआत करने में दिलचस्पी दिखाई जो 1 अक्टूबर, 2018 से ही प्रभावी है।  बीएसई के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार चौहान ने 4 जनवरी को कहा, 'हमारे 3.5 करोड़ कारोबारी ग्राहक एक ही स्क्रीन पर कारोबार कर सकते हैं और जिंसों में कोई सदस्यता फीस नहीं लगेगी। हम जिंस वायदा के लिए अपने सदस्यों को कम लेन-देन शुल्क की पेशकश करेंगे क्योंकि हमारी मार्जिन लागत शून्य के करीब है। हमारी तकनीक विश्वस्तरीय है और हम बड़े ऑर्डर स्वीकार करने के लिए तैयार है जिसे हमने इक्विटी, मुद्रा वायदा और विकल्प में साबित किया है।'
 
चूड़ीवाला सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और बीएसई ब्रोकर्स फोरम के पूर्व उपाध्यक्ष आलोक चूड़ीवाला कहते हैं, 'बीएसई को सभी तकनीकी मसले सुलझाने हैं जिसका सामना ब्रोकर करते हैं। लेकिन हम बीएसई के जिंस वायदा में प्रवेश को लेकर उत्साहित हैं। कम लेन-देन शुल्क और खासतौर पर कम सदस्यता शुल्क के साथ हम बीएसई पर जिंसों में कारोबार करेंगे।'
कीवर्ड jins, company, BSE,

  
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