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कुछ और जिंसों के विकल्प कारोबार की गुहार

सुशील मिश्र | मुंबई Jan 15, 2018 09:57 PM IST

एनसीडीईएक्स पर शुरू हो चुका है ग्वार सीड का विकल्प

किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के नाम पर कमोडिटी एक्सचेंज एनसीडीईएक्स पर ग्वार सीड में विकल्प कारोबार की शुरुआत हो चुकी है। इसके साथ ही कुछ और कृषि जिंसों के विकल्प कारोबार की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। एनसडीईएक्स सरसों, सोयाबीन और सोयातेल के विकल्प कारोबार की तैयारी में जुट गया है। निकल और एल्युमीनियम जैसी गैर-कृषि वस्तुओं में विकल्प कारोबार शुरू करने की मांग भी बाजार नियामक सेबी से की गई है। हालांकि इसके कारोबार को लय पकड़ने में अभी समय लगेगा।

कृषि जिंसों के प्रमुख एक्सचेंज एनसीडीईएक्स पर ग्वार सीड का विकल्प कारोबार मकर संक्रांति से प्रारंभ हो गया। पहले कारोबारी दिन में ग्वार सीड विकल्प में करीब 18 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। किसानों और कारोबारियों की तरफ से मिल रहे ïïउत्साह को देखते हुए एनसीडीएक्स अब ग्वार के साथ कुछ और ङ्क्षजसों में विकल्प कारोबार शुरू करने की मांग कर रहा है। वायदा में अभी तक किसानों की भागीदारी आशा के अनुरूप नहीं हो पाई है।

एनसीडीईएक्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी समीर शाह का कहना है कि किसानों के साथ वायदा में काम करने का लंबा और अच्छा अनुभव रहा है, छोटे किसानों के लिए वायदा थोड़ा मुश्किल रहा है लेकिन विकल्प एक आसान तरीका है। जिससे किसानों को कारोबार करने में आसानी होगी और उन्हें फायदा होगा। शाह के मुताबिक हम ग्वार सीड के बाद सरसों, सोयाबीन और सोयातेल में भी विकल्प कारोबार शुरू करने के पक्ष में हैं और इसके लिए हम तैयार भी हैं। सेबी जैसे ही अनुमति देगा एक्सचेंज में दूसरी कृषि जिंसों का विकल्प कारोबार शुरू कर दिया जाएगा। 

शाह ने कहा कि एक्सचेंज पिछले ग्वारसीड विकल्प कारोबार को मिली प्रतिक्रिया से उत्साहित है तथा और अधिक कृषि जिंसों में विकल्प कारोबार शुरू करने को लेकर गंभीर है। हमारा मुख्य जोर अब विकल्प कारोबार पर है। हम गैर-कृषि जिंसों खासकर निकल और एल्युमीनियम में विकल्प कारोबार शुरू करना चाहते हैं। यह सेबी की मंजूरी पर निर्भर करेगा। हमने मंजूरी मांगी है।   एक्सचेंज का मानना है कि वास्तविक जिंसों में विकल्प कारोबार किसानों के लिए बेहतर समाधान है। विकल्प अनुबंध में  खरीदार अनुबंध अवधि के दौरान निर्धारित कीमत पर तय संपत्ति की बिक्री या खरीद को लेकर बाध्य नहीं है, जैसा कि वायदा अनुबंध में होता है।

शाह ने कहा कि ग्वारसीड विकल्प का कारोबार धीरे-धीरे सुधरेगा और समय के साथ कारोबार अधिक होना चाहिए। विकल्प कारोबार नया है इसीलिए शुरुआत में कारोबार कम होगा, इसके बाद धीरे-धीरे विकल्प कारोबार में इजाफा होगा। वायदा का कम से काम 50 फीसदी विकल्प में आना चाहिए लेकिन इसमें थोड़ा समय लगेगा, शेयर बाजार में भी जब विकल्प ट्रेडिंग शुरू हुई थी, उस समय शुरुआती सालों में वॉल्यूम काफी कम थे, ऐसे ही जिंस कारोबार में भी होगा, किसानों और कारोबारियों के बीच जितनी जल्दी विकल्प कारोबार की जानकारी व जागरूकता पहुंचेगी उतनी जल्दी ही कारोबार बढ़ेगा।  

एनसीडीईएक्स पर ग्वार सीड में फरवरी 2018, मार्च 2018 और अप्रैल 2018 के महीनों में समाप्त होने वाले विकल्प अनुबंध की ट्रेडिंग 14 जनवरी को शुरू हुई। ग्वार बीज ऑप्शंस यूरोपीय प्रकार के हैं, जो कि 50 पैसे प्रति क्विंटल के टिक साइज के हैं। डेली प्राइस रेंज (डीपीआर) अंतर्निहित फ्यूचर्स अनुबंध और अस्थिरता के डीपीआर के कारकों पर आधारित हैं। विकल्प अनुबंध अंतर्निहित वायदा अनुबंध शुरु करने के बाद शुरू किये जाएंगे।

एग्री ऑप्शंस की समाप्ति तिथि, महीने के अंतिम बुधवार को होगी जो कि वायदा अनुबंध की समाप्ति महीने से पहले होगी। यदि बुधवार को अवकाश होता है तो समाप्ति तिथि एक्सचेंज के अगले कारोबारी दिन को होगी। गौरतलब है कि कमोडिटी में इसके पहले सोना विकल्प कारोबार की शुरुआत की गई है।

सेबी ने कमोडिटी ऑप्शंस ट्रेङ्क्षडंग की मंजूरी पिछले साल 2017 के जून महीने में ही दे दी थी। जिसके तहत सिर्फ एक ही अनुबंध को मंजूरी मिली है। सेबी की मंजूरी मिलने के एक महीने बाद देश के सबसे बड़े कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स ने अक्टूबर 2017 में गोल्ड ऑप्शंस की शुरुआत की है। एमसीएक्स पर शुरू हुए विकल्प कारोबार में सोने का एक अनुबंध है और एनसीडीईएक्स पर ग्वार के तीन अनुबंधों पर विकल्प सौदे शुरू किये गए। कृषि जिंसों में ग्वार पहली जिंस है जिसमें विकल्प कारोबार शुरू हुआ है।

कीवर्ड NCDEX, NERL, jins,

  
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