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मिलकर सुलझाएंगे भारतीय झींगे में एंटीबायोटिक मुद्दा

निर्माल्य बेहड़ा | भुवनेश्वर Jan 18, 2018 09:59 PM IST

झींगा के उत्पादन और व्यापार में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन के समाधान के लिए समुद्री भोजन के व्यापार से जुड़े भारतीय और यूरोपीय हितधारक जनवरी के अंत में गोवा में एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। यह बैठक 27-29 जनवरी को गोवा में होने जा रही भारतीय अंतरराष्ट्रीय समुद्री खाद्य प्रदर्शनी के आस पास हो सकती है। पिछले 10 वर्ष से यूरोपीय संघ का स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा महानिदेशालय भारतीय झींगे पर नजर बनाए हुए हैं। यूरोपीय यूनियन द्वारा जांच में लगातार भारतीय झींगे में एंटीबायोटिक का इस्तेमाल पाया गया, जिसे लेकर वह काफी चिंतित हैं। साथ ही, इस मामले पर भारतीय अधिकारियों से मिलने वाली प्रतिक्रिया से वह संतुष्ट नहीं है और इसके आयात पर प्रतिबंध का विचार कर रहा है।

 
नवंबर 2017 में, यूरोपीय संघ से एक प्रतिनिधिमंडल भारत में निर्यात के लिए उत्पादित समुद्री उत्पादों की पूरी व्यवस्था की जांच के लिए भारत आया था, जिसने झींगा उत्पादन की गुणवत्ता पर संतोष जताया था। यूरोपीय संघ ने 2016 में एंटीबायोटिक युक्त झींगे के आयात को नियंत्रित करने के लिए अनेक कदम उठाए। इसमें भारत से निर्यात होने वाली मछलियों की आवश्यक जांच संख्या 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी। इस उच्च स्तरीय बैठक में यूरोपीय आयातक क्लास पुल, भारत में नीदरलैंड दूतावास के प्रतिनिधि, सीफूड कनेक्शन, नॉर्डिक, खुदरा विक्रेता, समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण, सीफूड एक्सपोट्र्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, समुद्री खाद्य आयातक एवं प्रसंस्करण गठबंधन, डच फिश इंपोट्र्स एसोसिएशन, डेनिश सीफूड एसोसिएशन आदि के शामिल होने की संभावना है। व्यापार से जुड़े एक स्रोत ने बताया कि इसका उद्देश्य वर्तमान परिस्थितियों में एक सामूहिक समझ विकसित करना और भारत के झींगा क्षेत्र में एंटीबायोटिक के प्रयोग को सीमित करने के लिए एक रणनीति बनाना है। यूरोपीय समुद्री खाद्य आयातक एवं प्रसंस्करण गठबंधन के सचिव इवान बार्टोलो कहते हैं, 'इस बातचीत से भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार जारी रखने में सहायता मिलेगी। हमारा उद्देशय समुद्री खाद्य सुरक्षा को बेहतर बनाना और भविष्य में इन मानकों को बनाए रखना है।' गौरतलब है कि भारत से होने वाले 37,000 करोड़ रुपये के निर्यात में यूरोपीय संघ की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत है। एक भारतीय स्रोत का कहना है कि इस बैठक में यूरोपीय संघ को निर्यात होने वाले समुद्री खाद्य की गुणवत्ता पर चर्चा हो सकती है।
कीवर्ड sea food, fish,

  
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