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आईसीईएक्स: वायदा से चमका हीरा

सुशील मिश्र | मुंबई Feb 08, 2018 10:03 PM IST

रिलायंस कैपिटल प्रवर्तित इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज(आईसीईएक्स) पर हीरा वायदा कारोबार में खुदरा निवेशकों की दिलचस्पी महीने दर महीने बढ़ रही है। इस महीने हीरे की डिलिवरी 125 फीसदी ज्यादा हुई है। फरवरी वायदा की समाप्ति पर 80.92 कैरट हीरों की डिलिवरी हुई जबकि जनवरी में 36.07 कैरट और दिसंबर में 9.84 कैरट हीरे की डिलिवरी हुई थी। खुदरा निवेशकों के साथ आम लोगों की सहभागिता बढऩे की वजह से डिलिवरी महीने दर महीने बढ़ रही है। विश्व के एकमात्र हीरा वायदा एक्सचेंज आईसीएक्स में हीरे के वायदा में उल्लेखनीय डिलिवरी हुई है। फरवरी वायदा की समाप्ति में 5,315 सेंट और 27 नवंबर को शुरू हुए आधे सेंट के फरवरी वायदा में 2,777 सेंट के हीरों की डिलिवरी हुई है। इस तरह दोनों वायदों को मिलाकर एक्सचेंज पर कुल 2.16 करोड़ रुपये मूल्य के 8,092 सेंट की डिलिवरी हुई। एक्सचेंज से डिलिवरी हुए हीरों का भुगतान अंतरराष्ट्रीय बाजार के 0.70 फीसदी के बराबर है। फरवरी वायदा में कुल 10.24.783 सेंट हीरे के सौदे हुए जो 327.35 करोड़ रुपये के थे। जबकि आधार सेंट हीरे की कुल कारोबार की मात्रा 1.36,632 सेंट थी जो 20.18 करोड़ रुपये के थे। 
 
आईसीईएक्स के प्रबंध निदेशक संजित प्रसाद ने कहा कि फरवरी 2018 वायदा की समाप्ति के दौरान हमने हाजिर और वायदा कीमतों को एक होते देखा है जोकि किसी भी डेरिवेटिव मार्केट की महत्त्वपूर्ण विशेषता होती है। अनुबंध की समाप्ति के समय सभी ओपन इंटरेस्ट डिलिवरी में तब्दील हुए। इसमें हमें देशभर के मैन्युफैक्चरर्स की व्यापक सहभागिता दिखी। सबसे ज्यादा मुंबई और सूरत के कारोबारी की सहभागिता रही। वह कहते हैं कि भारतीय हीरा उद्योग को लंबे समय से एक ऐसे मंच की तलाश थी जो इस उद्योग को जोखिम से सुरक्षा पाने में मदद करने के साथ खरीदार और बिकवाल दोनों को पर्याप्त सुविधाएं देता। हमें इस बात की खुशी है कि आईसीईएक्स हीरा उद्योग के लिए पारदर्शी और तरल बाजार सृजित करने में सफल रहा है। काफी कम समय में एक्सचेंज पर अधिक संख्या में ओपन इंटरेस्ट बने हैं और यहां बड़ी संख्या में कारोबारी भी आए हैं जिनकी संख्या आने वाले समय में और बढ़ेगी। 
 
एक्सचेंज में खुदरा कारोबारियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। एक्सचेंज के अधिकारियों की मानी जाए तो इसमें बहुत से ऐसे लोग है जिन्होंने पहली बार हीरे की खरीद की है। दरअसल बाजार में मूल्य की अस्थिरता और गुणवत्ता का भरोसा न होने की वजह अब लोगों ने एक्सचेंज से हीरा लेना शुरू कर दिया है।  आईसीईएक्स के प्रवक्ता के मुताबिक ऊंची कीमतों के कारण खुदरा निवेशक अब तक हीरे की खरीदारी से दूर रहते थे। वैसे इसकी कीमत गुणवत्ता के आधार पर अलग-अलग होती है। एक्सचेंज में हीरा वायदा का कारोबार और डिलिवरी दोनों बढ़ रही है क्योंकि कीमतों में पारदर्शिता, ग्रेडिंग की सुविधा और गुणवत्ता केभरोसे से कारोबारियों का इस मंच पर भरोसा बढ़ा है और इसका उन्हें लाभ हो रहा है। कारोबारियों के बीच अब हीरे के और विकल्प पेश करने की मांग उठने लगी है। फिलहाल अभी एक्सचेंज में एक कैरट और आधा कैरट के हीरों का ही वायदा कारोबार होता है। 
 
आईसीईएक्स ने 28 अगस्त, 2017 की हीरा वायदा अनुबंध कारोबार की शुरुआत की थी। तब से लगातार एक्सचेंज में कारोबारियों की भागीदारी, कारोबार की मात्रा और ओपन इंटरेस्ट में धीरे धीरे इजाफा हो रहा है। इसका सबसे ज्यादा फायदा फायदा छोटे निवेशकों को हुआ है। हीरा अब मध्यम वर्ग के लोगों के लिए भी एक निवेश विकल्प बन सकता है क्योंकि अब उन्हे एक्सचेंज द्वारा तय कीमत मिलेगी। 
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