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अदाणी की खाद्य तेल रिफाइनरी अप्रैल से

विनय उमरजी | अहमदाबाद Feb 13, 2018 09:49 PM IST

अदाणी समूह की कंपनी अदाणी विल्मर लिमिटेड के मुंद्रा स्थित खाद्य तेल रिफाइनरी के विस्तार का काम अप्रैल तक पूरा हो जाने की संभावना है। ऐसा होते ही मुंद्रा रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य तेल रिफाइनरी बन जाएगी। मुंद्रा रिफाइनरी फिलहाल रोजाना 3,300 टन खाद्य तेल का शोधन करती है लेकिन इसकी क्षमता को 1,500 टन प्रति दिन तक बढ़ाया जा रहा है। इस तरह मुंद्रा रिफाइनरी की शोधन क्षमता बढ़कर 5,000 टन प्रति दिन की हो जाएगी जो उसे सर्वाधिक क्षमता वाली खाद्य तेल रिफाइनरी बना देगी। इसका विस्तार कार्य पूरा होते ही अदाणी विल्मर की कुल शोधन क्षमता भी बढ़कर 20,500 टन प्रति दिन हो जाएगी।

 
अदाणी विल्मर के मुख्य परिचालन अधिकारी अंग्शु मलिक ने आज कंपनी की विस्तार योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुंद्रा रिफाइनरी की बढ़ी हुई क्षमता का इस्तेमाल सोयाबीन तेल और सूर्यमुखी तेल जैसे सॉफ्ट तेलों के शोधन के लिए किया जाएगा। मलिक ने कहा, 'हमारा काराोबार सालाना 15 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। ऐसे में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए क्षमता का विस्तार करना जरूरी हो गया था।' हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि रिफाइनरी के क्षमता विस्तार पर कितना निवेश किया जा रहा है। अदाणी विल्मर आने वाले दिनों में अपने लोकप्रिय खाद्य तेल ब्रांड फॉच्र्यून को एक लीटर के दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने लायक पाउच में पेश करने जा रही है। इसके लिए उसने प्लास्टिक पैकेजिंग की आपूर्ति करने वाली कंपनी विशाखा पॉलिफैब प्राइवेट लिमिटेड (वीपीपीएल) के साथ गठजोड़ किया है।
 
फिलहाल अदाणी विल्मर हर महीने करीब 300 टन प्लास्टिक फिल्म का इस्तेमाल खाद्य तेलों की पैकेजिंग के लिए करती है। एक किलोग्राम फिल्म से करीब 130 पाउच बनते हैं। हालांकि इस प्लास्टिक फिल्म में नाइलॉन होने से पाउच में पैक तेल को नौ महीने के भीतर ही इस्तेमाल करना जरूरी हो जाता था। लेकिन दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले पाउच उपलब्ध होने से कंपनी की एक बड़ी समस्या दूर हो जाएगी।  मलिक कहते हैं, 'हमारी सहयोगी कंपनी वीपीपीएल खाद्य तेलों की पैकिंग वाले पाउच बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक फिल्म की नई रेंज मुहैया कराएगी। इस फिल्म में ऐसी खासियत होगी कि उस नाइलॉन का दोबारा इस्तेमाल किया जा सके।' वीपीपीएल ने इस खास प्लास्टिक फिल्म के लिए अमेरिकी कंपनी डाउड्यूपोंट इंक के साथ विशेष अनुबंध किया है। वीपीपीएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक जिगिश दोशी कहते हैं, 'अदाणी विल्मर को आपूर्ति की जाने वाली प्लास्टिक फिल्मों में पॉलिएथिलीन रेसिन की एक नई संरचना होगी जिससे प्लास्टिक पैकेजिंग को दोबारा इस्तेमाल लायक बनाया जा सकेगा।'
 
मलिक ने बताया कि रिसाइकल किए जा सकने वाले पाउच को सबसे पहले एक लीटर के आकार में पेश किया जाएगा। इसकी शुरुआत कंपनी के लोकप्रिय फॉच्र्यून ब्रांड से की जाएगी और आगे चलकर अन्य ब्रांड भी इस पाउच में पेश किए जाएंगे। मलिक ने कहा, 'हम साल भर में एक लीटर तेल के 47 करोड़ पाउच तैयार किए जाने की बात कर रहे हैं। भले ही इससे उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर कोई लाभ नहीं होगा लेकिन खाली पाउचों को कबाड़ी के पास बेचा जा सकेगा और वे दोबारा इस्तेमाल हो सकेंगे। इस तरह पर्यावरण पर पडऩे वाला बोझ भी थोड़ा कम होगा।' वैसे कंपनी लागत बढऩे का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डालेगी।  अदाणी विल्मर 19 देशों में खाद्य तेलों का निर्यात करती है। खाद्य तेल क्षेत्र में प्रमुख स्थान बनाने के बाद अब कंपनी सोया बड़ी, बासमती चावल, बेसन और दालें भी पेश कर रही है।
कीवर्ड adani, oil, refinery,

  
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