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अमेरिकी शुल्क से भारत पर सीधे असर की संभावना कम

भाषा | नई दिल्ली Mar 11, 2018 10:51 PM IST

अमेरिका द्वारा एल्युमीनियम आयात पर शुल्क लगाए जाने का भारत के धातु उद्योग पर सीधे प्रभाव पडऩे की संभावना नहीं दिखाई देती है। एल्युमीनियम एसोसिएशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन टीके चंद ने कहा कि अमेरिका के आयातित एल्युमीनियम पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने से भारत के एल्युमीनियम उद्योग पर सीधे तौर पर प्रभाव पडऩे की संभावना नहीं है, लेकिन इससे अमेरिका के बाहर वैश्विक बाजार में निर्यात किए जाने वाले एल्युमीनियम की मात्रा बढ़ सकती है जो भारतीय बाजार को प्रभावित कर सकती है। चंद एल्युमीनियम क्षेत्र की प्रमुख कंपनी नालको के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक भी हैं। 

 

एल्युमीनियम की एक अन्य प्रमुख उत्पादक कंपनी वेदांत लिमिटेड ने कहा कि वह अपने उत्पादन का करीब पांच प्रतिशत निर्यात अमेरिकी बाजार में करती है। यह करीब एक लाख टन के बराबर है। ऐसे में शुल्क बढ़ोतरी उस पर कोई विशेष प्रभाव नहीं डालेगी। कंपनी के मुख्य बिक्री एवं विपणन अधिकारी (वैश्विक एल्युमीनियम कारोबार) जीन बैपटिस्ट लुकास ने से कहा कि 10 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने से बाजार की कीमतें उसी के अनुरूप तय हो जाएंगी और इसका प्रभाव आपूर्ति की ऊंची लागत के तौर पर दिखेगा। लेकिन निश्चित तौर पर इस तरह के एकपक्षीय फैसले से उन्हें खेद है क्योंकि यह विश्व व्यापार संगठन के नियमों का उल्लंघन है।
कीवर्ड अमेरिका, एल्युमीनियम, आयात शुल्क,

  
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