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बिटकॉइन से इतर करेंसी में चमक

राजेश भयानी | मुंबई Mar 16, 2018 11:19 PM IST

क्रिप्टो करेंसी में सबसे पुरानी और सबसे बड़ी करेंसी बिटकॉइन की कीमतें दिसंबर में करीब 20,000 डॉलर और भारतीय एक्सचेंजों पर 15 लाख रुपये का स्तर छूने के बाद गिरी हैं और ये अब 8,000 डॉलर (भारत में 5.5 से 6 लाख रुपये) के आसपास बनी हुई हैं। हालांकि दिसंबर की तेजी के दौरान इथेरियम और रिप्पल जैसी अन्य क्रिप्टो करेंसी में भी तगड़ा कारोबार देखने को मिला, जिनका बाजार पूंजीकरण 100 अरब डॉलर से आगे निकल गया है। 

भारतीय एक्सचेंजों ने अब कारोबार और निवेश के लिए इन छोटी क्रिप्टो करेंसी की पेशकश शुरू कर दी है और उनका कारोबारी मात्रा में हिस्सा बढ़ रहा है। बिटकॉइन में गिरावट के बाद बिटकॉइन कैश एवं बिटकॉइन गोल्ड जैसे इस करेंसी के हार्ड फॉर्क वर्जन और इथेरियम, रिप्पल एवं लाइटकॉइन जैसी अन्य करेंसी में निवेशकों की रुचि बढऩे लगी है। प्रमुख एक्सचेंजों पर दिसंबर, 2017 को छोड़कर बिटकॉइन की कारोबारी मात्रा स्थिर रही है। दिसंबर, 2017 में बिटकॉइन की कीमतें रोजाना कुछ हजार डॉलर बढ़ रही थीं। अब नई करेंसी की कारोबारी मात्रा में इजाफा हो रहा है। क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंजों को बैंकों में कॉरपोरेट या चालू खाता रखने वाले निवेशकों को जोड़े रखने में दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि जो लोग बिटकॉइन या अन्य करेंसी में निवेश या कारोबार करना चाहते हैं, वे एक्सचेंजों में पंजीकृत अपने बैंक खातों का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं। भुगतान के लिए एनईएफटी, आरटीजीएस और आईएमपीएस का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन अब एक्सचेंज यूपीआई के इस्तेमाल को प्रोत्साहन दे रहे हैं। 


क्रिप्टो करेंसी के अग्रणी एक्सचेंज जेबपे के प्रमुख निश्चिंत सांघवी ने कहा, 'हमने एक्सचेंज के सभी पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के लिए यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) के जरिये रुपया जमाएं शुरू की हैं। यह काम गूगल तेज और पेटीएम जैसे यूपीआई आधारित ऐप का इस्तेमाल करके किया जा सकता है। हालांकि यूपीआई पहले भी उपलब्ध था, लेकिन अब यह हमारे ऐप से बेहतर जुड़ा हुआ है। हमने इसमें ग्राहकों की सहूलियत देखी है और सही समय पर यह फैसला किया है।'

एक्सचेंज के कारोबार में यूपीआई के जरिये किए गए भुगतान का हिस्सा बहुत ज्यादा नहीं है क्योंकि इसमें दैनिक और मासिक भुगतान सीमा है। एक बिटकॉइन की कीमत 5.5 लाख से 6 लाख रुपये है, इसलिए इसे यूपीआई का इस्तेमाल कर नहीं खरीदा जा सकता। व्यक्ति को एक यूनिट से कम मात्रा में खरीद करनी पड़ती है। यूपीआई का इस्तेमाल कर अन्य क्रिप्टो करेंसी खरीदी जा सकती हैं क्योंकि इनकी कीमत एक लाख रुपये प्रति यूनिट से कम है। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से तीसरी सबसे बड़ी क्रिप्टो करेंसी रिप्पल में कारोबार करीब 50 रुपये पर हो रहा है। 

यूपीआई से उन लोगों को मदद मिलती है, जो सीधे बैंक हस्तांतरण के बजाय पेमेंट इंटरफेस का इस्तेमाल करते हैं। मोबाइल फोनों से यूपीआई का इस्तेमाल आसान है। एक नए क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज बिटफ्यू के संस्थापक आशीष अग्रवाल ने कहा, 'यूपीआई सबसे बेहतर विकल्प नहीं है। यह एक्सचेंजों के लिए एक पेमेंट गेटवे विकल्प है। यूपीआई में दैनिक आधार पर पैसा हस्तांतरण की सीमा है।'

भारत में करीब 30 क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज स्थापित हो चुके हैं। दो ने पिछले महीने ही कारोबार बंद कर दिया क्योंकि उनमें शुरुआत से कारोबारी मात्रा बहुत कम थी। कुछ को उस समय नकदी की किल्लत झेलनी पड़ी जब बैंक उनके खाते बंद कर रहे थे। लेकिन अब वे फिर से पटरी पर आ गए हैं। बिटकॉइन की कारोबारी मात्रा में गिरावट आई है, लेकिन ज्यादातर एक्सचेंजों ने कई क्रिप्टो करेंसी की पेशकश शुरू कर दी है। इसलिए अन्य करेंसी की कारोबारी मात्रा में इजाफा हुआ है। 
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