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मानवाधिकारों की कसौटी पर खरे नहीं उतरे आभूषण ब्रांड

राजेश भयानी | मुंबई Mar 19, 2018 10:12 PM IST

ह्यूमन राइट वॉच ने दी 13 ब्रांडों को रैंकिंग

► तनिष्क ने इस रेटिंग पर जताई असहमति
टीबीजेड और कल्याण ने नहीं दिया जवाब

ह्यूमन राइट वॉच ने मानवाधिकार के मामले में तनिष्क, टीबीजेड और कल्याण ज्वैलर्स जैसे आभूषण ब्रांडों को बेहद कमजोर रेटिंग दी है। लंदन की इस संस्था का कहना है कि इन ब्रांडों ने इस बात का बहुत कम खयाल रखा कि सोना और हीरे ऐसी जगहों से ही हासिल किए जाएं जहां मानवाधिकारांं पर कोई आंच नहीं आती है। संस्था ने इसके लिए दुनिया के 13 जाने माने ब्रांडों के बीच एक सर्वेक्षण किया। टाटा समूह की कंपनी टाइटन के ब्रांड तनिष्क ने इस सर्वेक्षण पर मानवाधिकार संस्था को जवाब भेजा लेकिन टीबीजेड और कल्याण ज्वैलर्स ने ऐसा नहीं किया। यही वजह है कि इन दो कंपनियों को कोई रैंकिंग नहीं दी गई। अलबत्ता संस्था ने उन्हें अपने कारोबार में इस्तेमाल होने वाले सोने और हीरे के स्रोत का पता लगाने और यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि इनमें मानवाधिकार का उल्लंघन न हुआ हो। 

संस्था ने अपनी रिपोर्ट 'द हिडन कॉस्ट ऑफ ज्वैलरी: ह्यूमन राइट्स इन सप्लाई चेन्स ऐंड द रिस्पॉंसिबिलिटी ऑफ ज्वैलरी कंपनीज' में आभूषण और घड़ी बनाने वाली कंपनियों को रैंकिंग दी है। कंपनियों के सोना और हीरे हासिल करने के तरीके के आधार पर यह रैंकिंग दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कभी-कभार सोने या हीरे की छोटी खानों में बच्चे घायल हो जाते हैं या फिर मारे जाते हैं। खदानों के कारण पानी में खतरनाक रसायन घुल गए हैं जिससे आसपास के लोगों का स्वास्थ्य और पर्यावरण प्रभावित हो रहा है। खनन से सशस्त्र गिरोह फलफूल रहे हैं जिससे आम नागरिकों को बहुत परेशानी हो रही है।

ह्यूमन राइट्स वॉच में बाल अधिकार की एसोसिएट डायरेक्टर और रिपोर्ट की  सह लेखक जूलियन किप्पनबर्ग ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा कि ज्वैलर इस बात का पता लगा सकते हैं कि वे जिस सोने और हीरे का इस्तेमाल कर रहे हैं उसमें बाल श्रम या किसी अन्य तरह का मानवाधिकार उल्लंघन तो नहीं हुआ है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि खनन से लेकर बाजार तक इस कारोबार से जुड़े सभी लोगों को मानवाधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है। 

टाइटन की ज्वैलरी डिवीजन के मुख्य कार्याधिकारी सी के वेंकटरामन ने कहा कि उनकी कंपनी ने उचित तरीके से कारोबार करने के लिए टाटा की आचारसंहिता पर हस्ताक्षर किए हैं। वह सोने, चांदी और आभूषणों को उचित नैतिक तरीके से हासिल करती है। उन्होंने कहा कि संस्था ने तनिष्क को जो रेटिंग दी है, कंपनी उससे सहमत नहीं है।  लेकिन कल्याण ज्वैलर्स और टीबीजेड ने प्रतिक्रिया के लिए उन्हें भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं दिया। जूलियन ने कहा, 'टाइटन ने हमसे बात करने का प्रयास किया जो एक सकारात्मक संकेत है। लेकिन बाकी दो कंपनियों ने हमारे सवालों का जवाब नहीं दिया। टीबीजेड ने प्रयास किया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा था। उसके बाद उन्होंने हमसे संपर्क नहीं किया।' 
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